Electricity Bill News: चीनी और प्याज की महंगाई के बीच जम्मू कश्मीर (Jammu And Kashmir) में जनता को सरकार ने एक और झटका दे दिया है। जम्मू कश्मीर में बिजली महंगी हो गई है। उमर अब्दुल्ला सरकार के बिजली दरों में वृद्धि के खिलाप विपक्ष ने भी मोर्चा खोल लिया है और प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। त्योहारी सीजन में बिजली का महंगा होना, जनता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
जम्मू कश्मीर में बिजली हुई महंगी (फोटो- PTI)
जम्मू कश्मीर में कितनी महंगी हुई बिजली?
जम्मू-कश्मीर के उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली का झटका लगने वाला है। संयुक्त बिजली नियामक आयोग (JERC) ने पूरे जम्मू-कश्मीर में बिजली की दरों में औसतन 6.83 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। ये नई दरें 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होंगी। इस फैसले से कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPDCL) और जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JPDCL) के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ता सीधे प्रभावित होंगे।
200 यूनिट फ्री बिजली के वादे पर विपक्ष ने घेरा
इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। नेशनल कांफ्रेंस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और आम परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि वादा पूरा करने के बजाय सरकार उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
नियामक आयोग (JERC) के अनुसार, बिजली वितरण कंपनियों (KPDCL और JPDCL) के राजस्व घाटे को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अगर सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी को शामिल न किया जाता, तो यह बढ़ोतरी लगभग 40 प्रतिशत तक हो सकती थी।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नई दरों के तहत:
- 0 से 200 यूनिट: ₹2.45 प्रति यूनिट
- 201 से 400 यूनिट: ₹4.20 प्रति यूनिट
- 400 यूनिट से अधिक: ₹4.60 प्रति यूनिट तय की गई है
पीडीपी का विरोध प्रदर्शन
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने दर वृद्धि के खिलाफ श्रीनगर की सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। सर्दियों का मौसम नजदीक आने से पहले बिजली दरों में इस वृद्धि ने घाटी और जम्मू क्षेत्र के लोगों के बीच चिंता और नाराजगी बढ़ा दी है।
