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SSR 2027: EC ने किए 7 बड़े बदलाव, पार्टियों को मिलेगी रीडेबल PDF में वोटर लिस्ट; हर हफ्ते साझा होगी दावे-आपत्तियों की लिस्ट

चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी अपने निर्देश में मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने और सूची में होने वाले बदलावों को ट्रैक करने की व्यवस्था पर जोर दिया है।

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SSR 2027: EC ने किए 7 बड़े बदलाव (फाइल फोटो)

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के विरोध प्रदर्शनों का क्या नतीजा निकलेगा, यह अभी साफ नहीं है। हालांकि, चुनाव आयोग के कामकाज में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम जरूर सामने आया है।

चुनाव आयोग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) 2027 के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की रीडेबल PDF कॉपी, नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की अलग-अलग सूचियां तथा दावे-आपत्तियों की साप्ताहिक सूची उपलब्ध कराई जाएगी।

चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी अपने निर्देश में मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने और सूची में होने वाले बदलावों को ट्रैक करने की व्यवस्था पर जोर दिया है।नए प्रावधानों के तहत मसौदा और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उसकी हार्ड कॉपी के साथ रीडेबल PDF फॉर्मेट में सॉफ्ट कॉपी भी मुफ्त दी जाएगी। हालांकि, इस PDF में मतदाताओं की तस्वीरें नहीं होंगी।

वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन 2027 में क्या-क्या नए प्रावधान किए गए हैं, आइए विस्तार से समझते हैं:-

नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की अलग सूची

मतदाता सूची में कितने नाम जोड़े गए, कितने हटाए गए और कितने मतदाताओं के विवरण में संशोधन हुआ, इसका अलग-अलग ब्योरा राजनीतिक दलों को दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि इन बदलावों की सूची तैयार की जाए और भविष्य में संदर्भ, ऑडिट तथा सत्यापन के लिए उसका रिकॉर्ड रखा जाए। इससे मतदाता सूची में हुए बदलावों का पता लगाने और उनकी जांच करने में मदद मिलेगी।

दावे और आपत्तियों की सूची हर सप्ताह राजनीतिक दलों को

SSR के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करने, किसी नाम को हटाने या अन्य बदलावों के लिए आने वाले दावों और आपत्तियों की सूची राजनीतिक दलों के साथ हर सप्ताह साझा की जाएगी। संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साप्ताहिक बैठक करनी होगी और उन्हें इन सूचियों की प्रिंटेड कॉपी देनी होगी। बैठक का रिकॉर्ड और प्राप्ति की पुष्टि भी रखनी होगी।

राजनीतिक दलों को मिलेगी रीडेबल PDF में मतदाता सूची

चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, मसौदा और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के तुरंत बाद प्रत्येक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को हर मतदान केंद्र की मतदाता सूची की दो प्रतियां मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें एक हार्ड कॉपी और दूसरी रीडेबल PDF फॉर्मेट में सॉफ्ट कॉपी होगी। PDF में मतदाताओं की तस्वीरें शामिल नहीं होंगी। इससे राजनीतिक दलों के लिए सूची में नामों की जांच करना और संभावित गलतियों की पहचान करना आसान हो सकता है।

उम्मीदवारों को भी मिलेगी रीडेबल इलेक्ट्रॉनिक कॉपी

चुनाव आयोग ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में मतदाता सूची उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। मतदान के समय उम्मीदवारों की मांग पर रिटर्निंग ऑफिसर या जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से वर्णानुक्रम में व्यवस्थित मतदाता सूची की रीडेबल PDF पेन ड्राइव या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस में दी जा सकती है। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इस PDF में भी मतदाताओं की तस्वीरें नहीं होंगी।

दावे-आपत्तियों पर फैसला लेने से पहले सात दिन का समय

निर्देशों के अनुसार, दावे और आपत्तियों पर फैसला लेने से पहले सूची को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट, ERO के कार्यालय और मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित करना होगा। राजनीतिक दलों को सूची उपलब्ध कराने के बाद भी कम से कम सात स्पष्ट दिनों की अवधि बीतनी जरूरी है। इससे संबंधित पक्षों को संभावित गलतियों पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

गलत तरीके से नाम हटाने पर अतिरिक्त जांच

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों में अतिरिक्त जांच के प्रावधान भी किए हैं। यदि किसी मतदान केंद्र की कुल मतदाता सूची के दो प्रतिशत से अधिक नाम हटाने की स्थिति बनती है या एक ही व्यक्ति पांच से अधिक मामलों में आपत्ति दर्ज कराता है, तो संबंधित ERO को व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन करना होगा। बार-बार दर्ज नामों, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं और मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट की भूमिका बढ़ेगी

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। वे मतदाताओं से फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 एकत्र कर संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दे सकते हैं। हालांकि, एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म ही जमा कर सकेगा। यदि कोई BLA दावे-आपत्तियों की पूरी अवधि में 30 से अधिक आवेदन जमा करता है, तो ERO या AERO को उनका क्रॉस-वेरिफिकेशन करना होगा। प्रत्येक आवेदन के तथ्यों की जांच के लिए BLO को संबंधित पते पर जाकर सत्यापन भी करना होगा।

17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR, कब आएगी अंतिम मतदाता सूची?

चुनाव आयोग के 15 अक्टूबर 2026 के निर्देश के मुताबिक, SSR 2027 के लिए 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़, गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं। आयोग के मुताबिक अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां एसएसआर का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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