Malda Violence: Malda Violence: चुनाव आयोग ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में हुई हिंसा की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। दरअसल, मालदा जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में लगे न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया था।
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
चुनाव आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने एनआईए के डीजी को पत्र लिखकर कहा, ''मुझे निर्देश दिया गया है कि मामले की आवश्यक जांच की जाए और निर्देशानुसार माननीय न्यायालय को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।'' आयोग के अनुसार, एनआईए की एक टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी।
इससे पहले दिन में, सुप्रीम कोर्ट ने मालदा मामले में संज्ञान लिया, जहां कथित तौर पर एसआईआर में लगे न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
मालदा में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर में शामिल सात न्यायिक अधिकारियों का कई घंटो तक घेराव किया, जिन्हें बाद में सुरक्षाबलों ने बचा लिया। पीटीआई/भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने बुधवार देर रात भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया और तीन महिलाओं सहित न्यायिक अधिकारियों को बचाया।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों की एक बड़ी टुकड़ी ने आधी रात के बाद उन्हें बचाया। अधिकारी ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय से बाहर लाया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बांस के खंभे लगाकर उनके वाहनों को रोकने की कोशिश की और कारों में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया।
सनद रहे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, न्यायिक अधिकारी मौजूदा समय में उन मतदाताओं के मामलों की जांच कर रहे हैं जिनके नाम 28 फरवरी को प्रकाशित मतदाता सूचियों में 'विचाराधीन' के रूप में चिह्नित किए गए थे, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि उन्हें सूची में रखा जाना चाहिए या उनके नाम हटा दिए जाने चाहिए।
EC ने DGP से मांगी रिपोर्ट
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने पुलिस महानिदेशक (DGP) से घटना की रिपोर्ट मांगी है। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना चार मई को होगी।
