प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चेन्नई जोनल ऑफिस ने मंगलवार को तमिलनाडु के मदुरै और चेन्नई में बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग्स तस्करी सिंडिकेट से जुड़े 5 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई समुद्री रास्ते श्रीलंका तक भारी मात्रा में हशीश और मेथामफेटामाइन (ICE ड्रग्स) की तस्करी के मामले में की जा रही है।
ईडी की कार्रवाई
जांच एजेंसियों के मुताबिक, तस्कर गिरोह 99 किलो हशीश और 37.5 किलो मेथामफेटामाइन को समुद्री रास्ते श्रीलंका भेजने में शामिल था। बरामद हशीश की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 108 करोड़ रुपये जबकि ICE ड्रग्स की कीमत लगभग 150 करोड़ रुपये आंकी गई है। कुल मिलाकर यह ड्रग्स खेप करीब 258 करोड़ रुपये की बताई जा रही है।
ED ने यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा जॉन ब्रिट्टो और उसके सहयोगियों के खिलाफ NDPS एक्ट और कस्टम्स एक्ट के तहत दर्ज दो आपराधिक मामलों के आधार पर शुरू की थी। जांच के अनुसार, भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) से मिले इनपुट के बाद DRI मदुरै ने 5 मार्च 2024 को गल्फ ऑफ मन्नार के गहरे समुद्री इलाके में एक फिशिंग बोट से 99 किलो हशीश जब्त किया था। इस दौरान रामिश, जॉनसन और प्रताप नामक तीन लोग नाव के जरिए ड्रग्स श्रीलंका पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे यह काम जॉन ब्रिट्टो के निर्देश पर कर रहे थे।
इसके अलावा 1 मार्च 2024 को DRI ने मदुरै रेलवे स्टेशन पर फिलोमेन प्रकाश नामक आरोपी को 37.645 किलो मेथामफेटामाइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों को शक है कि यह ड्रग्स भी श्रीलंका भेजी जानी थी।
ED की जांच में सामने आया है कि जॉन ब्रिट्टो इस पूरे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है और वह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। एजेंसियों के मुताबिक ब्रिट्टो और उसके सहयोगी मछुआरों तथा नाव मालिकों का इस्तेमाल कर भारतीय समुद्री सीमा से ड्रग्स को सुरक्षित तरीके से खुले समुद्र में श्रीलंकाई संपर्कों तक पहुंचाते थे। फिलहाल ED की छापेमारी जारी है और एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, हवाला लेनदेन और ड्रग्स से कमाई गई अवैध संपत्तियों की जांच कर रही है।
