कर्नाटक में कांग्रेस के 'हनुमान' रहे हैं डीके शिवकुमारः संकट काट दल को उबारा, पर अपनी बाधाएं न कर सके पार

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated May 18, 2023, 08:52 PM IST

दरअसल, दक्षिण भारतीय राज्य में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को चुनाव हुए थे। कांग्रेस ने इनमें शानदार जीत हासिल करते हुए 135 सीटें अपने नाम की थीं। वहीं, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा नीत जनता दल (सेक्युलर) को क्रमश: 66 और 19 सीटों से संतोष करना पड़ा था।

डीके शिवकुमार न सिर्फ कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं बल्कि दक्षिण भारतीय सूबे में अपने दल के लिए "हनुमान" भी हैं। उन्हें दल के ‘संकटमोचक’ नेता के रूप में देखा जाता है। शिवकुमार के प्रदेश अध्यक्ष रहने के दौरान ही पार्टी इस बार के विधानसभा चुनाव में (10 मई को नतीजे आए) 135 सीटों के साथ जीती। वैसे, 61 साल के शिवकुमार न सिर्फ 2023 के चुनाव में बल्कि पीछे भी कई अहम मौकों पर पार्टी के लिए संकट काटने वाले नेता की भूमिका निभा चुके हैं। आठ बार के इस विधायक को अपने संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाता हैं। खासतौर पर 2023 के विस चुनाव में अहम भूमिका के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी खूब पीठ थपथपाई। हालांकि, इस सब के बाद भी वह मुख्यमंत्री बनने की राह में अपने सामने आई बाधाओं को पार न कर सके।

DK Shivkumar Congress

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार। (फाइल)

उन्होंने इससे पहले साल 2002 में महाराष्ट्र में तब अहम भूमिका निभाई थी, जब तत्कालीन विलासराव देशमुख नीत सरकार को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस के एक नेता ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘जब महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री (दिवंगत) विलासराव देशमुख के खिलाफ 2002 में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, तब वह शिवकुमार के संपर्क में आए। एक संकटमोचक के रूप में शिवकुमार ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की तारीख तक, एक सप्ताह के लिए बेंगलुरु के बाहरी इलाके में अपने रिसॉर्ट में महाराष्ट्र के विधायकों को रखा था। उनके इस कदम ने देशमुख सरकार को सत्ता से बेदखल होने से बचा लिया था।’’

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