कर्नाटक की राजनीति में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर जबरदस्त घमासान शुरू हो गया है। सूबे के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईडी आने वाले दिनों में उनकी सरकार के तीन से चार और मंत्रियों को निशाना बना सकता है। हाल ही में राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली, उनके रिश्तेदारों और करीबियों के ठिकानों पर ईडी ने दो दिनों तक छापेमारी की थी।
ED की रेड के बाद अलर्ट मोड में कर्नाटक कांग्रेस (फाइल फोटो)
इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवकुमार ने इसे पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष करार दिया। उन्होंने कहा कि जारकीहोली ने कुछ भी गलत नहीं किया है और वे पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर ही अपना व्यापार चलाते हैं। यदि कोई नेता या कारोबारी विदेश जाकर वहां के व्यापार को समझता है, तो उसमें कुछ भी गैर-कानूनी नहीं है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: 'दुश्मन नहीं, पड़ोसी समझें...', मोदी- शी जिनपिंग मुलाकात से पहले चीन के बदले सुर, मतभेद सुलझाने पर दिया जोर
भाजपा के नेताओं पर क्यों नहीं होती कार्रवाई-शिवकुमार
शिवकुमार ने जारकीहोली से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां निष्पक्षता से काम नहीं कर रही हैं। वे केवल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को फंसाने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के जिन नेताओं पर वित्तीय हेराफेरी के गंभीर आरोप हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
'वंदे मातरम' पर भी सीएम ने रखी अपनी स्पष्ट बात
सतीश जारकीहोली पर हुई छापेमारी के बाद कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के वरिष्ठ नेताओं ने मंत्री के आवास पर पहुंचकर एकजुटता दिखाई। इसके साथ ही, राज्य में 'वंदे मातरम' के गान को लेकर जारी विवाद पर भी शिवकुमार ने अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों का सम्मान करती आई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजकीय कार्यक्रमों में केवल शुरुआती दो अंतरे गाने का जो निर्णय लिया है, वह पार्टी के पुराने और स्पष्ट रुख के अनुरूप ही है।
