CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का वीडियो जारी किया। डीसीपी नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि दीपके की दादी के निधन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें यह दुखद समाचार दिया और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश भी की थी।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके
बकौल डीसीपी नेहा यादव, पुलिस अधिकारियों ने दीपके से पूछा कि क्या उन्हें फ्लाइट टिकट, फोन कॉल या किसी अन्य तरह की मदद की जरूरत है। अधिकारियों ने उनसे कई बार यह भी पूछा कि क्या वह अपने माता-पिता से बात करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
प्रदर्शन की क्यों नहीं मिली अनुमति?
सीजेपी के प्रस्तावित धरने को लेकर डीसीपी नेहा यादव ने कहा, ''पिछले रिकॉर्ड से पता चलता है कि सीजेपी कानून और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने में विफल रही। जब पहले प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तो उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
बकौल डीसीपी नेहा यादव, उस दौरान जुटी भीड़ ने बड़े पैमाने पर पत्थरबाजी, आगजनी और हिंसा की थी, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा था।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: दीपके-रांका सहित CJP नेताओं की रिहाई से पुलिस का इनकार! राजधानी में दिनभर चला हिरासत का दौर; 3,000 से ज्यादा रिहा
BNSS की धारा 133 लागू
उन्होंने कहा कि जनपथ पर प्रस्तावित धरने की अनुमति निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने, पहले कानून और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन तथा मौजूदा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए, शहर के कई इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 133 लागू की गई थी। इसके तहत किसी भी तरह की सभा या प्रदर्शन पर रोक लगाई गई थी।
बकौल डीसीपी, जनपथ पर प्रदर्शन का आह्वान करने के मामले में अभिजीत दीपके और उनके दो साथियों को 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था। बकौल अधिकारी, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली थी, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
