Delhi Pollution: दिल्ली (Delhi) और एनसीआर (NCR) में सर्दी (Winters) की दस्तक से पहले प्रदूषण (Pollution) के बढ़े स्तर ने सरकारी महकमे की चिंता बढ़ा दी है। अपेक्षाकृत धीमी हवाएं चलने और पंजाब में पराली जलाए जाने के मामले बढ़ने के बीच वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में आ जाने के कारण दिल्ली में मंगलवार को धुंध और धुएं की परत छाई रही और दृश्यता स्तर कम रहा।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
शहर में प्रदूषण हावी न हो, इसलिए साल 2017 में केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जयवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से सीपीसीबी की सिफारिशों के आधार पर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को लागू किया गया था। गड़बड़ एयर क्वालिटी के मद्देनजर ग्रैप अक्टूबर से लेकर जनवरी के बीच अमल में लाया जाता है, जिसके तहत जरूरी कदम उठाए जाते हैं।
एनसीआर के लिए आए संशोधित ग्रैप को चार अलग-अलग स्टेजों में बांटा गया है। विस्तार से जानिए किस स्टेज में कौन सी एजेंसियों को क्या कुछ एक्शन (प्रदूषण को काबू या कम कराने के लिए) लेने पड़ते हैं:
Air quality in Delhi remains 'very poor', National Capital Region records 'severe' AQIRead @ANI Story |… t.co/GwZjw3CqLB
— ANI (@ANI) Nov 2, 2022
दरअसल, दिल्ली में वायु गुणवत्ता मंगलवार को और खराब हो गई तथा वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा। दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार शाम चार बजे 424 दर्ज किया गया जो 26 दिसंबर, 2021 (459) के बाद सबसे खराब है, जबकि एक दिन पहले सोमवार रात आठ बजे एक्यूआई 361 (बहुत खराब) था।
