तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के प्रमुख और तमिलनाडु के लोकप्रिय नेता विजय के नाम का गलत इस्तेमाल कर जनता को ठगने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपी नीरज को चेन्नई पुलिस की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया है। चेन्नई पुलिस की साइबर क्राइम टीम आरोपी को दिल्ली के बुराड़ी इलाके से गिरफ्तार कर अब तमिलनाडु ले जाने की तैयारी में है, जहां उसे संबंधित अदालत के सामने पेश किया जाएगा।
सीएम विजय' के नाम पर AI से बनाया फर्जी वीडियो
यह पूरा मामला तब सामने आया जब चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई। जांच के दौरान साइबर विशेषज्ञों की टीम ने पाया कि 'विजय थलपति हेल्प' नाम से एक फर्जी फेसबुक पेज बनाया गया था। इस पेज पर टीवीके प्रमुख की AI से बनाई गई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे थे। इतना ही नहीं, आरोपी ने AI तकनीक की मदद से एक ऐसा वीडियो तैयार किया जिसमें विजय को एक 'करोड़पति' टीवी कार्यक्रम में भाग लेते हुए दिखाया गया था और वह आम जनता को वित्तीय लाभ, मुफ्त घर और बाइक बांटने के बड़े-बड़े झूठे दावे कर रहे थे।
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ऐसे पकड़ में आया आरोपी
पुलिस ने जब प्रोफाइल की गहराई से जांच की तो उससे जुड़ा एक मोबाइल नंबर सामने आया, जो दिल्ली निवासी नीरज के नाम पर पंजीकृत था। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह सिर्फ एक सामान्य फर्जी पेज नहीं था, बल्कि इसके पीछे लोगों से वित्तीय ठगी करने और नेता की छवि को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित और संगठित आपराधिक साजिश थी। आरोपी लोगों को आधिकारिक सरकारी घोषणाओं का झूठा भ्रम देकर अपने जाल में फंसा रहा था।
चेन्नई की अदालत में पेश करने का निर्देश
मामले की सुनवाई करते हुए ड्यूटी ज्यूडिशिअल मजिस्ट्रेट प्रीति रजोरिया ने 11 सितंबर को पुलिस की अर्जी स्वीकार करते हुए आरोपी नीरज को 13 सितंबर या उससे पहले चेन्नई की अदालत में पेश करने का निर्देश दिया। पुलिस का मानना है कि इस तरह के कृत्य न केवल आम जनता को वित्तीय नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि जनता में भ्रम फैलाकर सामाजिक शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस गिरोह के अन्य संभावित नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
