Malviya Nagar Hotel Fire Delhi: दिल्ली के मालवीय नगर (हौज रानी) स्थित एक होटल में पिछले हफ्ते हुए भीषण अग्निकांड में एक बेहद दर्दनाक और आंखें नम कर देने वाला मोड़ सामने आया है। अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे अग्रवाल परिवार के इकलौते जीवित बचे सदस्य और मुखिया, 75 वर्षीय राधे श्याम अग्रवाल का भी मंगलवार सुबह साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में निधन हो गया।
मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 8 अपनों को खोने के बाद अग्रवाल परिवार के आखिरी सदस्य ने भी तोड़ा दम, पूरा परिवार खत्म
इस दुखद मृत्यु के साथ ही इस भयावह हादसे में गुरुग्राम के रहने वाले इस हंसते-खेलते अग्रवाल परिवार का पूरा वंश हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो गया है। सबसे क्रूर बात यह रही कि राधे श्याम अग्रवाल इस दुनिया से जाते-जाते भी इस खौफनाक सच से पूरी तरह अनजान रहे कि उनके परिवार के सभी 8 सदस्य पहले ही काल के गाल में समा चुके हैं।
जिस बुजुर्ग को बचाने आए थे, वही रह गए थे अकेले
गुरुग्राम के सेक्टर-46 के रहने वाले राधे श्याम अग्रवाल फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे और 30 मई से साकेत के मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती थे। डॉक्टरों ने जब उनकी हालत नाजुक बताई, तो अपने बुजुर्ग पिता व ससुर की देखभाल करने और उनके पास रहने के लिए पूरा परिवार दिल्ली आ गया था।
अस्पताल से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित 'Flourish Stays' नाम के होटल में इस परिवार ने कमरे बुक किए थे ताकि वे बारी-बारी से अस्पताल में राधे श्याम की तीमारदारी कर सकें। उन्हें क्या पता था कि जिस बुजुर्ग की जान बचाने के लिए वे सब वहां जुटे हैं, वही उनकी मौत की वजह बन जाएगा।
अस्पताल के बिस्तर से बार-बार पूछते रहे अपनों का हाल
3 जून की सुबह जब इस अवैध रूप से चल रहे होटल में भीषण आग लगी, तो दम घुटने और जलने के कारण राधे श्याम अग्रवाल की पत्नी प्रेमलता (70), इकलौता बेटा विवेक अग्रवाल (47- जो एक कंपनी के CFO थे), बहू तर्जनी (42), और दो पोतियां- जीविषा (20) व वार्या (16) की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इनके अलावा राजस्थान के किशनगढ़ से आए उनके साले अशोक, साली कमला और ननदोई जवेरी लाल की भी इस हादसे में जान चली गई।
मैक्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती राधे श्याम अग्रवाल लगातार होश में आने पर डॉक्टरों और वहां मौजूद दूर के रिश्तेदारों से अपनी पत्नी, बेटे और पोतियों के बारे में पूछते रहते थे। लेकिन डॉक्टरों और रिश्तेदारों ने कड़ाई से इस सच को छुपाए रखा। उन्हें डर था कि इकलौते बेटे और पूरे परिवार की मौत की खबर सुनते ही राधे श्याम सदमे से तुरंत दम तोड़ देंगे।
रिश्तेदारों ने रोते हुए बताया, 'उन्हें नहीं पता था कि अस्पताल की खिड़की से महज कुछ दूरी पर जो धुआं उठा था, उसमें उनकी पूरी दुनिया राख हो चुकी थी। वह आखिरी सांस तक यही सोचते रहे कि उनका बेटा विवेक और पोतियां अस्पताल के बाहर उनके ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।'
22 मौतों के साथ दिल्ली का सबसे बड़ा 'डेथ ट्रैप'
3 जून को हुए इस भीषण हादसे में मरने वालों की कुल संख्या अब बढ़कर 22 हो चुकी है, जिसमें 9 भारतीय और 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि 'Flourish Stays' होटल नियमों की धज्जियां उड़ाकर मौत की इमारत बन चुका था। पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। लेकिन इस प्रशासनिक लापरवाही की जो कीमत गुरुग्राम के इस अग्रवाल परिवार ने चुकाई है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
