Sukesh Chandrashekhar News: दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ठग सुकेश चंद्रशेखर को जमानत दे दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि एक उचित अवधि से ज्यादा समय तक जेल में रखना, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने AIADMK 'टू लीव्स' सिंबल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें राहत दी है।
Breaking: ठग सुकेश चंद्रशेखर को मिली जमानत
अपने आदेश में, अदालत ने निर्देश दिया है कि चंद्रशेखर को 5 लाख रुपये का निजी मुचलका और उतनी ही राशि की जमानत पेश करने पर जमानत पर रिहा कर दिया जाए। अदालत ने आगे कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिनके तहत उन्हें गवाहों से संपर्क करने या उन्हें प्रभावित करने से रोका गया है। साथ ही, उन्हें जांच अधिकारी को अपना पता और मोबाइल नंबर देने, अपना पासपोर्ट जमा करने और बिना पूर्व अनुमति के देश छोड़कर न जाने का निर्देश दिया गया है।
किस मामले में चंद्रशेखर को मिली जमानत, पढ़ें- पूरा मामला
अदालत ने ठग चंद्रशेखर को 200 करोड़ रुपये की रंगदारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दी है। यह मामला अभी ट्रायल कोर्ट में आरोपों पर बहस के चरण में है। चंद्रशेखर, उनकी पत्नी लीना मारिया पॉल और अन्य आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत, साथ ही जबरन वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप लगे हैं। पुलिस के अनुसार, लीना के खिलाफ कई FIR भी दर्ज की गई हैं।
चंद्रशेखर पर AIADMK नेता TTV दिनाकरन के लिए बिचौलिए के तौर पर काम करने और VK शशिकला के गुट के लिए पार्टी का 'दो पत्ती' वाला चुनाव चिह्न हासिल करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के एक अधिकारी को रिश्वत देने की कोशिश करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी से 1.3 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे, जिनका ECI पर अनुचित प्रभाव डालने के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
इस बीच, मार्च में दिल्ली पुलिस ने लीना मारिया पॉल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए यह तर्क दिया कि मुकदमे में देरी अभियुक्तों के कारण हुई है। यह भी कहा गया कि लीना मारिया एक संगठित अपराध सिंडिकेट की सह-प्रमुख हैं, जिसका नेतृत्व उनके पति सुकेश चंद्रशेखर करते हैं।
जमानत का मतलब जेल से रिहाई नहीं
इस मामले में जमानत मिलने के बावजूद, चंद्रशेखर जेल में ही रहेंगे। उनके खिलाफ अलग-अलग अधिकार-क्षेत्रों में 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 26 मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन पांच मामले अभी भी उनके खिलाफ लंबित हैं।
