Delhi high court refuses to quash summons: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल एक के बाद एक नई मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं। पहले ही दिल्ली शराब घोटाले में सीबीआई और ईडी और विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में दिल्ली पुलिस की रडार पर आ चुके केजरीवाल को अब दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने मानहानि के एक मामले में केजरीवाल के खिलाफ जारी समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
केजरीवाल को लगा दिल्ली हाईकोर्ट से झटका
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क्या है मामला
केजरीवाल को झटका देते हुए, हाईकोर्ट ने एक सोशल मीडिया पेज के संस्थापक द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया है। यह मामला यूट्यूबर ध्रुव राठी द्वारा ट्विटर पर भाजपा-आईटी सेल पर निशाना साधने वाले एक वीडियो को केजरीवाल द्वारा रीट्वीट करने को लेकर है।
क्या बोला हाईकोर्ट
उच्च न्यायालय ने आरोपों को खारिज करने की केजरीवाल की याचिका को खारिज करते हुए अपने फैसले में कहा कि मानहानिकारक सामग्री को रीट्वीट करना वास्तव में मानहानि के समान है। अदालत ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें मुख्यमंत्री को मामले के संबंध में पेश होने के लिए बुलाया गया था। कार्यवाही के दौरान, उच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि सामग्री को ऑनलाइन शेयर करने के कानूनी परिणाम होते हैं, और इस मामले में शेयर करने का कार्य मानहानि के अपराध को इंगित करता है।
किसने की थी शिकायत
मजिस्ट्रेट अदालत ने सोशल मीडिया पेज ‘आई सपोर्ट नरेन्द्र मोदी’ के संस्थापक की आपराधिक शिकायत के बाद अगस्त 2019 में केजरीवाल को तलब किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आप नेता ने मानहानिकारक वीडियो को रीट्वीट किया था। उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि ऐसी चीज को रीट्वीट करने पर दंडात्मक, दीवानी कार्यवाही हो सकती है। इसने कहा कि जब रीट्वीट मुख्यमंत्री सहित राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा किया जाए तो यह सार्वजनिक धारणा बन सकता है जिस पर जनता विश्वास कर सकती है।
