नीट-यूजी परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में चल रहा छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। आंदोलन की अगुवाई कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार देर रात को स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बिना किसी समझौते के होना चाहिए। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक से बात के बाद बोले CJP प्रवक्ता सौरव दास
सोनम वांगचुक से बातचीत: 'आंदोलन पूरी तरह रहेगा शांतिपूर्ण'
सौरव दास ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह भी बताया कि उन्होंने दिन में कई बार आंदोलन का समर्थन कर रहे सोनम वांगचुक से फोन पर चर्चा की है। उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत का निष्कर्ष यही रहा कि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहना चाहिए। सोनम वांगचुक ने भी सभी प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक रूप से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और इस आंदोलन को सही दिशा में आगे बढ़ाएं।"
इसके साथ ही सौरव दास ने आशंका जताई कि इस तरह के जन-आंदोलनों को भटकाने के लिए सत्ताधारी तंत्र द्वारा सामाजिक-विरोधी तत्वों को भेजा जाता है, ताकि हिंसा भड़काकर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बदनाम किया जा सके। उन्होंने समर्थकों से ऐसे तत्वों से सतर्क रहने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पर बोला तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा के सदन के नेता जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए CJP प्रवक्ता ने कहा कि 30 दिनों से अधिक समय से छात्र सड़कों पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवेदना दिखाने के बजाय इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति कर रही है।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पेपर लीक एक बेहद गंभीर समस्या है और इस पर आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर गहराई से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संवेदनशील और जिम्मेदार है। सरकार संसद में नीट-यूजी पेपर लीक से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय न हो। हालांकि, CJP ने सरकार के आश्वासन को खारिज करते हुए दोहराया है कि बिना कार्रवाई और इस्तीफे के कोई समझौता नहीं होगा।
