क्या है चक्रवात 'मुरासु' और इसके नाम का मतलब? अर्नब के ठीक बाद बंगाल की खाड़ी में कैसे मंडराया दूसरा तूफान

चक्रवात 'मुरासु' क्या है, इसका नाम किसने रखा और इसका मतलब क्या है? जानिए बंगाल की खाड़ी में 'अर्नब' के तुरंत बाद 'मुरासु' के आने के भौगोलिक कारण।

Cyclone Murasu: जब प्रकृति अपने रौद्र रूप में आती है, तो इंसानी बस्तियां और प्रशासनिक तैयारियां उसके आगे बौनी साबित होने लगती हैं। अक्टूबर का महीना अभी पूरी तरह विदा भी नहीं हुआ था कि भारत के पूर्वी तट ने चक्रवात 'अर्नब' की भयंकर तबाही का दर्द झेला। तटीय इलाकों के लोग अभी उस आपदा के जख्मों से उबर ही रहे थे और राहत एवं बचाव कार्यों के पहिए थके हुए ही थे कि बंगाल की खाड़ी ने एक बार फिर करवट ले ली। महज चार दिनों के अंतराल पर एक और नया और खतरनाक तूफान 'मुरासु' सिर उठाकर खड़ा हो गया है। आखिर यह 'मुरासु' क्या बला है? इसका नाम किसने और क्यों रखा? और सबसे बड़ा सवाल, एक के बाद एक यानी 'बैक-टू-बैक' इतनी जल्दी तूफान आने का यह डरावना सिलसिला क्यों चल पड़ा है? आइए, इस सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।

Cyclone Murasu Meaning and Origin

बंगाल की खाड़ी से फिर उठा तूफान (Newsroom verified AI Image)

आखिर क्या है 'मुरासु' और इसका मतलब क्या है?

जब भी समुद्र में कोई चक्रवात उठता है, तो वैज्ञानिक और आम लोग उसे आसानी से पहचान सकें और समय रहते चेतावनियां जारी की जा सकें और संज्ञा को परिभाषा की महत्ता बनाए रखने के लिए उसका एक खास नाम रखा जाता है। इस बार के तूफान को 'मुरासु' नाम दिया गया है। किसने सुझाया यह नाम? विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की चक्रवात नामकरण प्रणाली के तहत बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के लिए निर्धारित पैनल में शामिल 13 देशों में से इस बार नाम देने की बारी भारत की थी। भारत ने ही इस तूफान का नाम 'मुरासु' सुझाया था।

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