Abdul Karim Tunda: टाडा कोर्ट से बरी हुआ अब्दुल करीम टुंडा, आरोप साबित नहीं कर पाई CBI

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 29, 2024, 01:07 PM IST

Abdul Karim Tunda: टुंडा पर आरोप था कि उसने आरोपियों को बम बनाना सिखाया। उस पर ट्रेन में बम रखवाने का आरोप था लेकिन सीबीआई अपने इन आरोपों को अदालत में साबित नहीं कर पाई। यही नहीं जांच एजेंसी टुंडा के खिलाफ इंवेन्टिगेशन नोट और पूरक चार्जशीट भी पेश नहीं कर पाई।

Abdul Karim Tunda: 1993 ट्रेन में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों का मुख्य आरोपी अब्दुल करीम टुंडा अदालत से बरी हो गया है। अजमेर की टाडा अदालत ने सबूतों के अभाव में टुंडा को बरी किया। टुंडा पर आरोप था कि उसने आरोपियों को बम बनाना सिखाया। उस पर ट्रेन में बम रखवाने का आरोप था लेकिन सीबीआई अपने इन आरोपों को अदालत में साबित नहीं कर पाई। यही नहीं जांच एजेंसी टुंडा के खिलाफ इंवेन्टिगेशन नोट और पूरक चार्जशीट भी पेश नहीं कर पाई। मामले में दो अन्य आरोपी दोषी पाए गए हैं। इन दोषियों को आज सजा सुनाई जाएगी।

Abdul Karim Tunda

अब्दुल करीम टुंडा कोर्ट से बरी।

बांग्लादेश भाग गया था टुंडा

टुंडा पर आरोप है कि उसने भारत में 1993 में 40 से ज्यादा बम धमाकों की साजिश रची। इसके बाद वह सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर बांग्लादेश भाग गया। माना जाता है कि देश में बम धमाकों के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन टुंडा की मदद करते थे। साल 2013 में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बनबासा में उसे पकड़ा गया।

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