Congress on Inflation: जून में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो जाने के बाद, कांग्रेस ने बुधवार को मोदी सरकार पर हमला तेज कर दिया। कांग्रेस ने दावा किया कि मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। विपक्षी दल ने बढ़ती मुद्रास्फीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा और कहा कि इस आर्थिक विफलता के लिए केवल वही जिम्मेदार हैं।
महंगाई दर को लेकर कांग्रेस का मोदी सरकार पर निशाना
जयराम बोले- देश आर्थिक संकट की ओर तेजी से बढ़ रहा है
X पर एक पोस्ट में संचार प्रभारी कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ महीनों से सरकार को इस बारे में बार-बार चेतावनी देती रही है। उन्होंने कहा कि 44 महीनों में सबसे अधिक थोक मुद्रास्फीति (9.87%) और ईंधन और बिजली की कीमतों में चौंका देने वाली 27.4% की वृद्धि के बीच, कृषि बुवाई तीन साल के निचले स्तर पर आ गई है।
जयराम रमेश ने कहा कि आम जनता बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के बोझ तले दबी हुई है, वहीं देश के किसान - जो खाद्य आपूर्तिकर्ता हैं - सरकार की त्रुटिपूर्ण नीतियों और प्रतिकूल मौसम की दोहरी मार झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि बढ़ती महंगाई ने उद्योगों की परिचालन लागत बढ़ा दी है। रमेश ने कहा कि ऐसे समय में जब सभी प्रमुख आर्थिक संकेतक 'रेड अलर्ट' का संकेत दे रहे हैं, मोदी सरकार स्थिति को संभालने के बजाय जनता का ध्यान भटकाने के लिए सुर्खियां बटोरने में व्यस्त है।
सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए
- ईंधन और बिजली में भारी उछाल: देश में ईंधन और बिजली की कीमतों में 27.4% की चौंकाने वाली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- खेती-किसानी पर दोहरी मार: प्रतिकूल मौसम (अल नीनो के प्रभाव) और सरकारी नीतियों के कारण कृषि बुवाई तीन साल के निचले स्तर पर आ गई है। किसान इस दोहरी मार से सबसे ज्यादा परेशान हैं।
- उद्योगों की बढ़ी लागत: थोक महंगाई बढ़ने से देश के उद्योगों के लिए परिचालन लागत काफी बढ़ गई है, जिससे व्यापार करना मुश्किल हो रहा है।
कहा- महंगाई के आंकड़ों को छिपाने का प्रयास कर रही सरकार
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के बजाय केवल चिंताजनक महंगाई के आंकड़ों को छिपाने का प्रयास कर रही है। रमेश ने कहा, नवीनतम थोक महंगाई के आंकड़े मोदी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन और विफलता का स्पष्ट प्रमाण हैं। उन्होंने पूछा कि जब समाज का हर वर्ग संकट में है, तो सरकार की प्राथमिकताएं आखिर कहां हैं? प्रधानमंत्री जी, देश आपसे महंगाई के बारे में जवाब मांगता है।
- प्रधानमंत्री जी, देश आपसे महंगाई के बारे में जवाब मांगता है; 12 साल शासन करने के बाद, इस आर्थिक विफलता के लिए आपको ही जवाब देना होगा।
- थोक मूल्य मुद्रास्फीति जून में बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो गई, जो मई में 9.68 प्रतिशत थी। गैर-खाद्य और खाद्य उत्पादों की कीमतों में आई तीव्र वृद्धि इसका मुख्य कारण रही।
- नवीनतम थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) मुद्रास्फीति के आंकड़े 2022-23 के आधार वर्ष पर आधारित हैं।
आंकड़ों के अनुसार, खाद्य मुद्रास्फीति जून में बढ़कर 5.49 प्रतिशत हो गई, जो मई में 3.60 प्रतिशत थी। अल नीनो के प्रभाव से हुई बारिश की कमी के कारण जून में खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हुई। गैर-खाद्य वस्तुओं की डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति भी जून में बढ़कर 11.07 प्रतिशत हो गई, जबकि खनिजों की मुद्रास्फीति 9.45 प्रतिशत रही। ईंधन और बिजली की डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति जून में घटकर 27.41 प्रतिशत हो गई, जो मई में 30.33 प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर थी। विनिर्मित उत्पादों में मुद्रास्फीति मई के समान 7.48 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही।
