दिल्ली के भोजनालयों पर टूटा संकट का पहाड़! कर्मचारियों की कमी का कर रहे सामना; गैस की कालाबाजारी ने बढ़ाई मुसीबत

Cooking under LPG crisis: राजधानी के छोटे-छोटे भोजनालय और ढाबे शहर की खानपान की संस्कृति का आधार रहे हैं, लेकिन आर्थिक और संसाधन संबंधी कठिनाइयों के कारण स्थिति भयावह हैं।

LGP Crisis: राजधानी के छोटे-छोटे भोजनालय और ढाबे शहर की खानपान की संस्कृति का आधार रहे हैं, लेकिन आर्थिक और संसाधन संबंधी कठिनाइयों के कारण स्थिति भयावह हैं। रसोई गैस की कमी और कालाबाजार में बढ़ती हुई कीमतों के कारण कई भोजनालय अपने व्यंजन सूची में बदलाव करने, कर्मचारियों की संख्या घटाने और कोयले एवं लकड़ी पर खाना पकाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

Cooking under LPG crisis

गैस की कमी और कालाबाजारी से जूझ रहे दिल्ली के भोजनालय (AI फोटो)

दुकानें बंद कर रहे लोग

नीरज चावला संयुक्त परिवार से अलग होने के बाद पिछले एक साल से राजौरी गार्डन में 'वैष्णो रसोई' चला रहे हैं, उनके लिए यह संघर्ष वित्तीय और व्यक्तिगत दोनों तरह का है। वह बताते हैं कि कारोबार बंद करना समझदारी भरा कदम होगा, लेकिन "बेइज्जती" (शर्म) के डर से ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। चावला ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "बेइज्जती न हो कि दुकान बंद करके बैठ गया, इसलिए मैं दुकान चला रहा हूं।"

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