Jagdeep Dhankhar के फैसले पर विवाद, 20 संसदीय समितियों में नियुक्त कर लिए 12 पर्सनल स्टाफ

  • Authored by: अमित कुमार
  • Updated Mar 8, 2023, 10:53 AM IST

दरअसल, संसदीय समितियों की कार्यवाही गुप्त होती है। सामान्यत संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी संसदीय समितियों का काम देखता है और सीधे राज्य सभा के महासचिव को रिपोर्ट करता है। महासचिव संसदीय समितियों की कार्यवाही के बारे में राज्य सभा के सभापति और उपराष्ट्रपति को जानकारी देते हैं।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के फैसले पर विवाद हो गया है। उन्होंने संसदीय समितियों में अपने निजी स्टाफ को नियुक्त कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, 20 संसदीय समितियों में उन्होंने अपने 12 कर्मचारियों को नियुक्त किया। चार कर्मचारी उपराष्ट्रपति सचिवालय के अधीन हैं, जबकि चार कर्मी राज्य सभा के सभापति के तहत हैं। ये सभी समितियां राज्य सभा के तहत आती हैं।

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भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़। (फाइलः vicepresidentofindia.nic.in)

दरअसल, संसदीय समितियों की कार्यवाही गुप्त होती है। सामान्यत संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी संसदीय समितियों का काम देखता है और सीधे राज्य सभा के महासचिव को रिपोर्ट करता है। महासचिव संसदीय समितियों की कार्यवाही के बारे में राज्य सभा के सभापति और उपराष्ट्रपति को जानकारी देते हैं। समिति के अध्यक्ष संसद के प्रति जवाबदेह हैं। पर उपराष्ट्रपति के निजी स्टाफ को संसदीय समितियों को हिस्सा बनाना एक तरह से इनके कामकाज में सीधे दखल के तौर पर देखा जा रहा है।

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