Trump Tariffs: कांग्रेस ने शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जमकर सराहना की और उसे सलाम किया। दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के दुनिया भर पर लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने राष्ट्रपति ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को रद्द करने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की और कहा कि जांच-परख और संतुलन की अमेरिकी व्यवस्था अब भी काम कर रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (फाइल फोटो)
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''राष्ट्रपति ट्रंप की पूरी टैरिफ नीति को रद्द करने के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को सलाम! इसकी वैचारिक संरचना को देखते हुए यह काफी अद्भुत निर्णय है।'' उन्होंने कहा, ''6-3 का फैसला निर्णायक होता है। जांच-परख और संतुलन की अमेरिकी प्रणाली अब भी काम करती दिख रही है।''
ट्रंप को लगा बड़ा झटका
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को खारिज कर दिया, जिससे उन्हें उनके आर्थिक एजेंडे के मुद्दे पर बड़ा झटका लगा है। न्यायाधीशों के बहुमत ने पाया कि संविधान बहुत स्पष्ट रूप से अमेरिकी कांग्रेस को कर लगाने की शक्ति देता है, जिसमें टैरिफ भी शामिल है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने 6:3 के बहुमत से फैसला सुनाया। इस दौरान, न्यायाधीशों ने पाया कि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) शुल्क लगाने का अधिकार नहीं देता है। न्यायमूर्ति क्लेरेंस थॉमस, न्यायमूर्ति सैमुअल ए. एलिटो जूनियर और न्यायमूर्ति कवानॉ ने असहमति वाला फैसला लिखा।
केवानॉ ने मामले में अपने असहमति वाले निर्णय में लिखा, ''विदेशी आयात पर शुल्क की तरह ही, इस मामले में विचाराधीन आईईईपीए टैरिफ भी विदेश मामलों से संबंधित हैं। सरकार के अनुसार, राष्ट्रपति ने आईईईपीए टैरिफ का इस्तेमाल चीन, ब्रिटेन और जापान सहित अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ व्यापार समझौते करने में किया है।''
