Congress Attack On PM Modi China Policy: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुलाकात को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर चौतरफा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक पोस्ट शेयर कर प्रधानमंत्री के सामने चार तीखे सवाल दागे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां चीन के सामने एक सोची-समझी आत्मसमर्पण प्रक्रिया जैसी प्रतीत होती हैं।
जयराम रमेश ने पूछे चार सवाल
कांग्रेस नेता ने सरकार को घेरते हुए कहा कि चीन के साथ भारत की आर्थिक निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है, जो देश के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025-26 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 112.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इससे भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को बड़ा नुकसान पहुंचा है। जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आज 'मेक इन इंडिया' और 'इंपोर्ट फ्रॉम चाइना' एक ही सिक्के के दो पहलू बन चुके हैं, लेकिन सरकार के पास इस स्थिति को बदलने के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं है।
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कांग्रेस ने पूछे सवाल
इसके साथ ही, कांग्रेस ने सीमा विवाद का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि पूर्वी लद्दाख में भारत के पारंपरिक गश्ती और चराई के अधिकारों से चुपचाप समझौता कर लिया गया है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास चीन के बढ़ते हस्तक्षेप और ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए जा रहे विशाल बांध को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा गया, जो पूरे पूर्वोत्तर भारत की जल सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। कांग्रेस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में चीन की भूमिका और पाकिस्तान को मिल रहे समर्थन पर भी सवाल खड़े किए।
पीएम मोदी-शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर दिया जोर
दूसरी ओर, शनिवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत-चीन संबंधों में मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए। यह रिश्ता आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और साझा हितों पर आधारित होना चाहिए। दोनों नेताओं ने सीमा विवाद का निष्पक्ष और स्वीकार्य समाधान तलाशने तथा आपसी संबंधों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने की प्रतिबद्धता जताई।
