Rahul Gandhi statement on PM Modi Cast: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति को लेकर सवाल खड़ा कर दिया। राहुल ने दावा किया कि मोदी ओबीसी समुदाय में पैदा नहीं हुए थे बल्कि उनका जन्म 'तेली' जाति में हुआ था। साल 2000 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने 'तेली' जाति को ओबीसी में शामिल किया। हालांकि, राहुल के इस दावे की जब पड़ताल हुई तो दूसरा तथ्य सामने आया। दरअसल, पीएम मोदी मोध-घांची समुदाय से आते हैं और इस समुदाय को ओबीसी में शामिल करने की अधिसूचना कांग्रेस की सरकार में 25 जुलाई 1994 को जारी हुई। उस समय गुजरात में कांग्रेस की सरकार थी और छबीलादास मेहता मुख्यमंत्री थे।
सीएम बनने के बाद ओबीसी बन गए-राहुल
'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सांसद ने कहा,‘उन्होंने गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी जाति बदलकर ओबीसी कर ली। इसलिए मोदी जी जन्म से ओबीसी नहीं हैं।’इससे पहले राहुल ने अपने संबोधन में कहा था कि मोदी ‘तेली’ जाति से हैं लेकिन बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब ‘घांची’ जाति से था। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री देश में कभी जाति आधारित गणना नहीं कराएंगे और उसके बिना सामाजिक न्याय हसिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा,‘बहुत से लोगों को सामाजिक न्याय नहीं मिल रहा है। केवल कांग्रेस पार्टी ही यह जाति आधारित गणना कराएगी और भारत में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगी।'
सवाल उठता है कि क्या राजनीतिक फायदे के लिए राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं। जिस समय मोघ-घांची समुदाय को ओबीसी में शामिल करने का फैसला हुआ उस वक्त गुजरात में कांग्रेस की सरकार थी। राहुल के इस दावे पर भाजपा ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं के निशाने पर आए राहुल गांधी
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल, पीएम मोदी पर निजी हमले कर रहे हैं। इस तरह के निजी हमलों का जवाब देश की जनता देगी। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राहुल गांधी से सवाल किया कि कांग्रेस की जब सरकार थी तो उसने जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराई। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि राहुल सफेद झूठ बोल रहे हैं। पूरा नेहरू-गांधी परिवार ओबीसी के खिलाफ रहा है।
