Congress Delhi Chalo March: इंडी गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली कांग्रेस ने इस रैली में राजधानी से करीब 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 500 बसों की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, रैली के आयोजन और व्यवस्थाओं को संभालने के लिए पार्टी ने 20 अलग-अलग कमेटियां बनाई हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की फोटो। ANI
शनिवार को राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखा, "कल मिलते हैं, चलो साथ चलते हैं! कनॉट प्लेस मिंटो रोड जंक्शन अजमेरी गेट रामलीला मैदान। दोपहर 12 बजे। बता दें कि कांग्रेस की ओर से सांसदों और पार्टी नेताओं को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इकट्ठा होकर रामलीला मैदान पहुंचने का आह्वान किया गया है। इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सांसद और नेता अपनी निजी गाड़ियों से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, खरगे के आवास या अपनी सुविधानुसार किसी अन्य स्थान पर जा सकते हैं।
दिल्ली में कई जगहों पर बीएनएसएस का धारा लागू
हालांकि, जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के आसपास किसी भी तरह के जमावड़े की अनुमति नहीं होगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली इलाके में चुनाव आयोग सहित कई स्थानों पर बीएनएसएस की धारा 163 लागू है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर को डिनोटिफाइड जगह घोषित किया गया है। इसके अलावा नई दिल्ली इलाके में चुनाव आयोग के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर हो या चुनाव आयोग का कार्यालय, इन जगहों पर पुलिस बल की तैनाती और निगरानी की स्थायी व्यवस्था रहती है।
सूत्रों के मुताबिक, इन स्थानों पर लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस किसी भी तरह के अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए तैयार रहेगी।
रामलीला मैदान में तैनात रहेगी कई जिलों की पुलिस
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेता और सांसद अपनी गाड़ियों से अलग-अलग स्थानों पर इकट्ठा होकर रामलीला मैदान जा सकते हैं। रामलीला मैदान में सुरक्षा की जिम्मेदारी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साथ-साथ दिल्ली के अन्य जिलों की पुलिस संभालेगी।
इसके अलावा मौके पर पैरामिलिट्री फोर्स की भी तैनाती रहेगी। पुलिस का फोकस प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने पर रहेगा। बता दें कि यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आयोजित की जा रही है। कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रही है।
50 हजार लोगों को लाने के लिए 500 बसों का इंतजाम
दिल्ली कांग्रेस को रैली में करीब 50 हजार लोगों को जुटाने और उनके आने-जाने की व्यवस्था करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए 500 बसों का इंतजाम किया जा रहा है। रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने 20 कमेटियां गठित की हैं। इन कमेटियों को आयोजन स्थल की व्यवस्था, लोगों के आने-जाने, साफ-सफाई और दूसरी जरूरी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता भीड़ को व्यवस्थित रखने और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद के लिए तैनात रहेंगे।
महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग ब्लॉक
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के मुताबिक, रैली में आने वाले लोगों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। महिलाओं, दिव्यांगों और मीडिया के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए जा रहे हैं।
रैली की तैयारियों के तहत कांग्रेस नेताओं ने रामलीला मैदान का दौरा भी किया। आयोजन से जुड़ी कमेटी के अध्यक्ष अनिल भारद्वाज ने बताया कि बारिश के कारण तैयारियों पर असर पड़ा है, लेकिन कार्यक्रम से पहले मैदान तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
रामलीला मैदान 14 जोन में बंटा, 4 हजार जवान रहेंगे तैनात
रैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारी की है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मैदान और आसपास के इलाकों में करीब 4 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना है। मैदान के प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं और जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा प्रमुख चौराहों पर 150 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारी नजर रखेंगे। मैदान और आसपास के इलाकों में 200 से ज्यादा CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। बॉडी वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी रैली
दिल्ली पुलिस की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रामलीला मैदान में रैली आयोजित होगी। आयोजकों को सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़े निर्देशों का पालन करना होगा।कांग्रेस इस रैली के जरिए SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को उठाने के साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को भी जोर-शोर से रखने की तैयारी में है। अब देखना होगा कि पार्टी अपने तय लक्ष्य के मुताबिक कितने लोगों को रामलीला मैदान तक जुटा पाती है।
