ऐसा लग रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस का कुनबा बिखरने लगा है। पार्टी में रह रहकर अंतर्कलह सामने आ रही है। कभी सवालों के घेरे में डीके शिवकुमार रहते हैं तो कभी सिद्धारमैया। इस बार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी के हरिप्रसाद ने मोर्चा खोल लिया है। बी के हरिप्रसाद ने इशारों ही इशारों में सीएम सिद्धारमैया पर जमकर हमला बोला है।
कर्नाटक कांग्रेस में अंतर्कलह (फोटो- bkhariprasadofficial)
क्या बोले बी के हरिप्रसाद
कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी के हरिप्रसाद ने शनिवार को कहा कि धोती के साथ हब्लोट घड़ी पहनने वाले कुछ लोग समाजवादी होने का दावा नहीं कर सकते और कोई देवराज उर्स की कार में बैठकर उनकी तरह नहीं बन सकता। उनकी इस टिप्पणी को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर परोक्ष हमला माना जा रहा है। हालांकि हरिहप्रसाद ने अपने भाषण के दौरान किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके द्वारा दिए गए संदर्भों से स्पष्ट था कि उनके निशाने पर सिद्धरमैया थे। उन्होंने राज्य के वर्तमान गृहमंत्री जी परमेश्वर जैसे दलित नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए और अनुसूचित जनजाति से आने वाले सतीश जारकीहोली जैसे नेता के नाम पर उपमुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस द्वारा विचार नहीं किए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की।
सिद्धारमैया क्या बोले
विधान पार्षद (एमएलसी) हरिप्रसाद के बारे में माना जाता है कि वह राज्य मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ समय से नाराज हैं। वहीं इसे लेकर जब सिद्धारमैया से सवाल पूछा गया तो वो इसे इग्नोर करते दिखे। सीएम ने कहा- "क्या उन्होंने मेरा नाम लिया है? ...मैं सामान्य तौर पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दूंगा।"
देवराज उर्स का नाम लेकर साधा निशाना
सामाजिक सुधारों की वजह से प्रसिद्ध पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स का नाम पार्टी नेताओं द्वारा बार-बार लिए जाने पर किसी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि उनके पोते को एमएलसी तक नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा-"देवराज उर्स की कार में बैठकर कोई देवराज उर्स नहीं बन सकता, उनकी सोच और उनकी विचारधाराओं को क्रियान्वित करने की दिशा में काम होना चाहिए।"
पुराना है 'झगड़ा'
सिद्धरमैया ने पिछले महीने देवराज उर्स की 108वीं जयंती के अवसर पर विधान सौध परिसर (विधानमंडल परिसर) में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया था और उसके बाद उनकी प्रसिद्ध काले रंग की मर्सिडीज बेंज कार की सवारी की थी। सिद्धरमैया 2016 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान हीरे जड़ित हब्लोट घड़ी को लेकर विवाद में फंस गए थे। इसपर उन्होंने सफाई दी थी कि घड़ी उन्हें दुबई में रह रहे हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश चंद्र वर्मा ने बतौर उपहार दी थी। सिद्धरमैया ने कथित तौर पर 70 लाख रुपये की कीमत की उक्त घड़ी तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दी थी और उनसे इसे राज्य की संपत्ति बनाने को कहा था। यह पहली बार नहीं है जब हरिप्रसाद ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर निशाना साधा है। इससे पहले जुलाई में भी उन्होंने मंत्री और मुख्यमंत्री पदों के संबंध में टिप्पणी की थी जिसने पार्टी के साथ-साथ सिद्धरमैया को असहज कर दिया था। विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष हरिप्रसाद और सिद्धरमैया अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं। दोनों का संबंध क्रमश: एडिगा और कुरुबा समुदायों से है।
