India AI Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट 2026 में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने टीशर्ट उतारकर प्रदर्शन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन को न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया, बल्कि देश की प्रतिष्ठा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो साभार: @rajnathsingh)
कांग्रेस पर जमकर बरसे राजनाथ
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की निंदा करते हुए कहा कि भारत की जनता भली-भांति समझती है कि कौन बार-बार भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है। राजनाथ सिंह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''जब पूरा विश्व भारत को नई दिल्ली में मौजूद भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करते हुए देख रहा था और तकनीक व नवाचार के क्षेत्र में हमारे बढ़ते वैश्विक नेतृत्व का साक्षी बन रहा था, उस समय कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना।''
उन्होंने आगे कहा कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है।मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूं।
राजनाथ सिंह ने कहा, ''जब भी भारत वैश्विक मंच पर आगे बढ़ता है, कांग्रेस राष्ट्रहित के साथ खड़े होने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने को प्राथमिकता देती दिखाई देती है। दलगत राजनीति को देश की प्रतिष्ठा और सम्मान से ऊपर रखना अत्यंत दुखद है। भारत की जनता भली-भांति समझती है कि कौन भारत को सशक्त और समर्थ बनाने में जुटा है और कौन बार-बार भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है।''
यूथ कांग्रेस का टीशर्ट उतार प्रदर्शन
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एआई समिट 2026 के आयोजन स्थल पर टीशर्ट उतारकर प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस ने एक्स पर विरोध प्रदर्शन का वीडियो शेयर करते हुए कहा, ''AI Summit के चमकदार मंच के पीछे सच दबाया नहीं जा सकता... जब देशहित से ऊपर कॉरपोरेट हित दिखें और विदेश नीति में नरमी साफ नजर आए, तब विरोध कर्तव्य बन जाता है! इसीलिए भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता भारत मंडपम पहुंचे... ताकि 'Compromised PM' के खिलाफ आवाज़ बुलंद हो और देश की अस्मिता पर हो रहे समझौते पर मोदी सरकार को जवाब देना पड़े!''
