Himanta Biswa Sarma : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के ऑफिस ने जंगली हाथियों को असम से गुजरात ले जाने की बातों को खारिज कर दिया है। सीएम ऑफिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने इस बारे में बयान साझा किया है। बता दें कि सोशल मीडिया पर हाथियों को ले जाए जाने की एक तस्वीर वायरल हुई और उसके साथ कुछ हैंडल्स ने ये दावा किया जानवरों को गुजरात के एक निजी चिड़ियाघर वंतारा में ले जाया जा रहा है। असम सरकार ने इन खबरों का खंडन करते हुए ऐसी खबरों के प्रसार पर नाराजगी जताई है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा।
CM ऑफिस ने किया खंडन
इसके बाद सीएम ऑफिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने इस मामले में बयान दिया और कहा कि हाल के दिनों में असम से कोई भी हाथी नहीं से जाया गया है। इस संबंध में की गईं खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह से भ्रामक और अनुचित हैं। वहीं, खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पिछले दो दिनों में वाहनों में ले जाए जा रहे हाथियों का विवरण असम से नहीं है।
हाथियों को ले जाते वीडियो हुआ था वायरल
बता दें कि हाल ही में असम से गुजरते हुए जानवरों की एंबुलेंस के काफिले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इनमें से कुछ वाहनों में हाथियों को ले जाया जा रहा था, जिन पर गुजरात की नंबर प्लेट लगी थी। एक वाहन में जानवरों की एंबुलेंस के हुड से हाथी की सूंड दिखाई दे रही थी जिसके बाद कहा गया कि हाथी असम से गुजरात के एक निजी चिड़ियाघर वंतारा में भेजे जा रहे हैं।
बता दें कि ‘वंतारा’ के फाउंडर मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी हैं और वो पशुओं की देखभाल को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। वंतारा अभयारण्य पशुओं को एक बेहतर माहौल देने के लिए काम करता है और यहां अरुणाचल प्रदेश के हाथियों को संरक्षित वातावरण में रखा जा रहा है।
