Prashant Kishor : पटना स्थित गांधी मैदान से जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर को पटना पुलिस ने सोमवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस मेडिकल चेकअप के लिए उन्हें पटना एम्स लेकर गई। पटना के जिलाधिकारी ने कहा कि पीके को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। गांधी मैदान से पीके को उठाए जाने के बाद पार्टी के कार्यकर्ता भड़क गए। सोमवार सुबह पटना पुलिस के साथ उनकी भिड़ंत हो गई। बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को पुलिस ने तड़के हिरासत में ले लिया। पीके अनशन से उठने के लिए तैयार नहीं थे। पुलिस उन्हें जबरन पकड़कर ले गई। पीके को हिरासत में लिए जाने पर उनके समर्थक काफी नाराज हैं।
गांधी मैदान से पटना पुलिस ने पीके को गिरफ्तार किया।
समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि गांधी मैदान में अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों को सोमवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अब कोर्ट में पेश किया जाएगा। डीएम ने कहा कि यह धरना 'गैर-कानूनी' था। वह प्रतिबंधित स्थल पर धर दे रहे थे।
पीके कहां हैं नहीं पता-कार्यकर्ता
जन सुराज पार्टी के एक कार्यकर्ता ने कहा कि प्रशांत किशोर बिहार के लोगों और छात्रों के लिए अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस अनशन से सरकार घबरा गई है। पीके के खिलाफ शारीरिक हिंसा की हम निंदा करते हैं। हमें नहीं पता है कि पुलिस उन्हें कहां लेकर गई है। हम पूछ रहे हैं कि पीके कहां हैं, लेकिन कोई भी कुछ नहीं बता रहा।
सूत्रों के अनुसार, किशोर को पटना के गांधी मैदान से जबरन हटाया गया और पुलिस द्वारा एम्बुलेंस में एम्स ले जाया गया। समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में दिखाया गया है कि पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रशांत किशोर को उनके समर्थकों के भारी विरोध और वंदे मातरम के नारों के बीच भूख हड़ताल स्थल से हटा रहे हैं।
7 तारीख को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह हमारे लिए निर्णय का विषय नहीं है कि हम इसे (विरोध) जारी रखेंगे या नहीं। हम वही करते रहेंगे जो हम अभी कर रहे हैं, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। हम (जन सुराज पार्टी) एक मामला दायर करेंगे। 7 तारीख को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। इससे पहले रविवार को प्रशांत किशोर पटना के गांधी मैदान में प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बैठे. उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव से भी विरोध का नेतृत्व करने का आग्रह किया। किशोर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते यादव को उनकी जगह विरोध का नेतृत्व करना चाहिए था।
बृहस्पतिवार से आमरण अनशन पर थे पीके
पीके बीपीएससी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित की गई एकीकृत 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार से आमरण अनशन पर थे। हालांकि, बीपीएससी ने 13 दिसंबर की परीक्षा में शामिल हुए कुछ चुनिंदा समूह के लिए फिर से परीक्षा देने का आदेश दिया था। शनिवार को यहां 22 केंद्रों पर पुन:परीक्षा आयोजित की गई। पटना में 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा हुई। कुल 12,012 अभ्यर्थियों में से लगभग 8,111 ने अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिये थे। हालांकि, शनिवार को पुन:परीक्षा में 5,943 छात्र शामिल हुए। बीपीएससी ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि पुन:परीक्षा सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से हुई और किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं है।
