डिजिटल होगा देश का न्याय सिस्टम! CJI सूर्यकांत ने दिखाया तेज और आसान न्याय का रोडमैप

भारत के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत ने न्याय व्यवस्था को डिजिटल और सुलभ बनाने का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में न्याय सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीक के जरिए हर व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने जोर दिया कि तकनीक के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना भी जरूरी है। ई-कोर्ट परियोजना के तहत हजारों अदालतों का कंप्यूटरीकरण हो चुका है, जबकि नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, ई-फाइलिंग और अनुवाद सॉफ्टवेयर जैसी पहल से पारदर्शिता बढ़ी है।

देश की न्याय व्यवस्था को आम लोगों के लिए ज्यादा आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा खाका सामने आया है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा है कि अब न्याय सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीक के जरिए हर व्यक्ति तक पहुंचेगा। आज सुप्रीम कोर्ट में हुए एक राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने साफ किया कि आने वाले समय में न्याय व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और ज्यादा पारदर्शी बनाने पर जोर रहेगा।

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सीजेआई सूर्यकांत ने न्याय व्यवस्था को डिजिटल और सुलभ बनाने का रोडमैप पेश किया। ANI

न्याय का मूल सिद्धांत: हर व्यक्ति तक पहुंच

सीजेआई ने अपने संबोधन की शुरुआत एक मूल बात से की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को न्याय मिलना चाहिए। वह भी बिना भेदभाव, समय पर और प्रभावी तरीके से। उन्होंने माना कि समाज बदल रहा है, इसलिए न्याय देने वाली संस्थाओं को भी बदलना होगा।

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