पश्चिम बंगाल में CID की टीम ने 15 सितंबर यानी मंगलवार को कोलकाता में TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय के आवास पर सर्च ऑपरेशन चलाया। शालबनी थाने में दर्ज मामले में आरोप है कि सरकारी जमीन का चरित्र बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और जमीन को ऊंची कीमत पर बेचा जाता था। इस मामले में पूर्व टीएमसी विधायक सुजय हाजरा की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सुमित रॉय का नाम सामने आने की बात पुलिस ने कही है।
अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय के ठिकानों पर CID का छापा
बता दें कि सुमित की तलाश में CID इससे पहले जून में भी अभिषेक के कालीघाट आवास पहुंची थी। उस समय उनके नहीं मिलने पर जांच आगे बढ़ाई गई थी।
सुमित रॉय की 10 सितंबर को गिरफ्तारी हुई
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल सेक्रेटरी सुमित रॉय की 10 सितंबर यानी गुरुवार को गिरफ्तारी हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल सीआईडी और एसटीएफ ने सुमित रॉय को अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास से गिरफ्तार किया।
जमानत याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले सुमित रॉय की सालबोनी जमीन घोटाला मामले में अग्रिम जमानत याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने छह अगस्त के अपने उस पुराने आदेश को भी वापस ले लिया, जिसमें सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी। पीठ ने सुमित रॉय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारॉयणन और राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद सुमित रॉय को राहत देने से इनकार कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
अभिषेक बनर्जी के पर्सनल सेक्रेटरी सुमित रॉय पर आरोप हैं कि पश्चिम बंगाल की सरकारी जमीन को कथित तौर पर बेच दिया गया और बिक्री से मिली रकम पार्टी के खाते में जमा कराई गई। आपको बता दें कि जमीन घोटाला मामले की जांच शालबनी पुलिस कर रही है। मामला धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
