केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है। महाराष्ट्र के ठाणे में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे की ओर से मिलावटखोरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की सराहना की।
चिराग पासवान ने दिया सख्त कार्रवाई का संकेत। PTI
चिराग पासवान ठाणे के नियोजन भवन में आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर मिलावट करने वालों के लाइसेंस भी निलंबित किए जाने चाहिए।
मिलावटखोरों के लाइसेंस निलंबित करने की पैरवी
केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ FSSAI और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के माध्यम से उनके लाइसेंस भी निलंबित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े इस मुद्दे पर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। चिराग पासवान ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर कार्रवाई जरूरी है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी निर्देश है।
बता दें कि महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा अभियान चलाया है। IAS अधिकारी और FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे की अगुवाई में राज्यभर में की गई कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित गुटखे का बड़ा जखीरा जब्त किया गया है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले 14 होटल, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
12.10 लाख रुपये का गुटखा जब्त
एफडीए के विशेष अभियान के दौरान नागपुर मंडल में प्रतिबंधित गुटखे का करीब 12.10 लाख रुपये का स्टॉक जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान दो वाहन भी जब्त किए गए और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। एफडीए ने राज्यभर में 27 होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि 13 प्रतिष्ठानों को सुधार संबंधी नोटिस जारी किए गए।
