LIVEChandrayaan-3 Launch: इतिहास रचने रवाना हुआ चंद्रयान-3, सतीश धवन स्पेस सेंटर श्रीहरिकोटा से हुआ लॉन्च

Chandrayaan-3 Launch: इतिहास रचने रवाना हुआ चंद्रयान-3, सतीश धवन स्पेस सेंटर श्रीहरिकोटा से हुआ लॉन्च
चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसे आज दो बजकर 35 मिनट पर रवाना किया गया। देश और दुनिया की निगाहें इस समय भारत के इस मिशन पर लगी हैं। यह मिशन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण को आप ISRO की वेबसाइट के साथ साथ TIMESNOW नवभारत के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी देख सकते हैं। भारत का यह मिशन यदि सफल हो जाता है तो यह अमेरिका, रूस और चीन के बाद चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश हो जाएगा। चंद्रयान-3 करीब 40 दिनों के बाद चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा और फिर उसका चक्कर लगाएगा। चंद्रयान-3 में लैंडर जिसका नाम विक्रम है। यह चांद की सतह पर लैंड करेगा। फिर इसमें मौजूद रोवर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह की जांच करेगा।
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हमने पहले की गलती में सुधार किया-ISRO चीफ
ISRO प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि हमने पहले साल में देखा कि पहले क्या गलती की थी और उसके बाद दूसरे साल में क्या सुधार किया जाए कि ये बेहतर हो। फिर हमने देखा कि और क्या गलती हुई थी क्योंकि कुछ समस्याएं छिपी होती है जो हमने समीक्षा और टेस्ट द्वारा पता लगाया। तीसरे साल हमने सभी टेस्टिंग की और अंतिम साल में हमने अंतिम संयोजन और तैयारी की। मैं इस कार्य के लिए पूरी टीम को बधाई देता हूं।
इसरो चीफ ने क्या कहा
वहीं इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है। अंतरिक्ष यान बिलकुछ ठीक है। उन्होंने कहा कि एलवीएम-3एम4 रॉकेट ने चंद्रयान-3 को सटीक कक्षा में स्थापित कर दिया है।
चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग पर पीएम मोदी का ट्वीट
चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग पर पीएम मोदी ने इसरो को बधाई दी है। अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने अतंरिक्ष कार्यक्रम में भारत ने एक अध्याय लिखा है। यह ऊंचाई को छू रहा है और प्रत्येक भारतवासी के सपनों एवं आकांक्षाओं को पूरा कर रहा है। यह यादगार उपलब्धि हमारे वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम एवं समर्पण का प्रयास है।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: सतीश धवन स्पेस सेंटर श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 लॉन्च
चांद की ओर चंद्रयान- 3 रवाना हो चुका है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर प्रक्षेपण किया गया। चंद्रयान-3 के 23 या 24 अगस्त को चांद की सतह पर पहुंचने की उम्मीद है।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: 2.35 पर चंद्रयान का होना है प्रक्षेपण
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चार साल बाद एक बार फिर से शुक्रवार को पृथ्वी के इकलौते उपग्रह चांद पर चंद्रयान पहुंचाने के अपने तीसरे अभियान के लिए तैयार है और पूरे देश की नजरें उस पर टिकी हैं।इसरो का चांद पर यान को ‘‘सॉफ्ट लैंडिंग’’ कराने यानी सुरक्षित तरीके से यान उतारने का यह मिशन अगर सफल हो जाता है तो भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जो ऐसा कर पाने में सक्षम हुए हैं।देश के महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन के तहत चंद्रयान-3 को 'फैट बॉय' एलवीएम-एम4 रॉकेट ले जाएगा। आज दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से इसे प्रक्षेपित किया जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो यह अगस्त के आखिर में चंद्रमा पर उतरेगा।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: अब चंद पल का इंतजार
चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण में अब चंद पल का इंतजार है। एलवीएम3एम4 रॉकेट शुक्रवार को इसरो के महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-3’ को पृथ्वी के इकलौते उपग्रह चंद्रमा की यात्रा पर ले जाएगा। इस रॉकेट को पूर्व में जीएसएलवीएमके3 कहा जाता था। भारी उपकरण ले जाने की इसकी क्षमता के कारण अंतरिक्ष वैज्ञानिक इसे 'फैट बॉय' भी कहते हैं। आज दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से इसे प्रक्षेपित किया जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो यह अगस्त के आखिर में चंद्रमा पर उतरेगा।बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजकर पांच मिनट पर इसकी 25.30 घंटे की उलटी गिनती शुरू की गई थी।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: प्रक्षेपण का समय आ रहा है करीब
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि देश के तीसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ के प्रक्षेपण का समय करीब आ रहा है.. जिसे दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर प्रक्षेपित किया जाएगा।यह ‘चंद्र मिशन’ वर्ष 2019 के ‘चंद्रयान-2’ का अनुवर्ती मिशन है। भारत के इस तीसरे चंद्र मिशन में भी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का है। ‘चंद्रयान-2’ मिशन के दौरान अंतिम क्षणों में लैंडर ‘विक्रम’ पथ विचलन के चलते ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने में सफल नहीं हुआ था। यदि इस बार इस मिशन में सफलता मिलती है तो भारत ऐसी उपलब्धि हासिल कर चुके अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ जैसे देशों की सूची में शामिल हो जाएगा।इसरो ने शुक्रवार को मिशन संबंधी अद्यतन जानकारी देते हुए कहा, ‘‘ एलवीएम3एम4-चंद्रयान-3 मिशन: श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में उलटी गिनती जारी है।’’अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, ‘चंद्रयान-3’ कार्यक्रम के तहत इसरो अपने चंद्र मॉड्यूल की मदद से चंद्र सतह पर ‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ और चंद्र भूभाग पर रोवर की चहलकदमी का प्रदर्शन करके नई सीमाएं पार करने जा रहा है।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: भुवनेश्वर के सीटीसी को बेसब्री से इंतजार
पूरी दुनिया शुक्रवार को भारत के चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण का बेसब्री से इंतजार कर रही है, वहीं भुवनेश्वर के ‘सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर’(सीटीटीसी) के तकनीशियन और छात्र इस यान को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करता देखने के लिए उत्सुक हैं।सीटीटीसी भुवनेश्वर ने इस अभियान के लिए अहम घटकों की आपूर्ति की है।संस्थान के महाप्रबंधक एल राजशेखर ने कहा, “हम व्याकुल हैं और परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्र जैसा महसूस कर रहे हैं। हम अत्यधिक आशावादी हैं कि इस बार भारत इतिहास रचेगा। देशभर में कुल 23 सीटीटीसी हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कार्यों को बेहद सटीकता और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने के भुवनेश्वर केंद्र के रिकॉर्ड को देखते हुए उसे इस मिशन के लिए चुना। राजशेखर कहते हैं कि तकनीशियनों के समर्पित प्रयासों के बलबूते सीटीटीसी भुवनेश्वर को मिशन का हिस्सा बनने का दुर्लभ मौका मिल सका।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: 43.5 मीटर लंबे रॉकेट के जरिए प्रक्षेपण
चंद्रयान-3 मिशन में एक स्वदेशी प्रणोदन मॉड्यूल, लैंडर मॉड्यूल और एक रोवर शामिल हैं, जिसका उद्देशय अन्तरग्रहीय मिशनों के लिए जरूरी नई प्रौद्योगिकियों का विकास एवं उनका प्रदर्शन करना है।मिशन के तहत 43.5 मीटर लंबा रॉकेट दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जाना है।सबसे लंबे और भारी एलवीएम3 रॉकेट (पूर्व में जीएसएलवी एमके3 कहलाने वाले) की भारी भरकम सामान ले जाने की क्षमता की वजह से इसरो के वैज्ञानिक उसे प्यार से 'फैट बॉय' भी कहते हैं। इस ‘फैट बॉय’ ने लगातार छह सफल अभियानों को पूरा किया है।एलवीएम3 रॉकेट तीन मॉड्यूल का समन्वय है, जिसमें प्रणोदन, लैंडर और रोवर शामिल हैं। रोवर लैंडर के भीतर रखा है।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: 14 जुलाई को चंद्रयान-3 का होगा प्रक्षेपण
14 जुलाई 2023 : चंद्रयान-3 श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में दूसरे लॉन्चपैड से उड़ान भरेगा।23/24 अगस्त 2023 : इसरो के वैज्ञानिकों ने 23-24 अगस्त को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग की योजना बनायी है जिससे भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाले देशों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: 2019 में चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण
22 जुलाई 2019 : श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण किया गया।20 अगस्त 2019 : चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया।दो सितंबर 2019 : चंद्रमा की ध्रुवीय कक्षा में चांद का चक्कर लगाते वक्त लैंडर ‘विक्रम’ अलग हो गया था लेकिन चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर लैंडर का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: 2003 में हुई थी चंद्रयान कार्यक्रम की घोषणा
15 अगस्त 2003 : तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चंद्रयान कार्यक्रम की घोषणा की।22 अक्टूबर 2008 : चंद्रयान-1 ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी।आठ नवंबर 2008 : चंद्रयान-1 ने प्रक्षेपवक्र पर स्थापित होने के लिए चंद्र स्थानांतरण परिपथ (लुनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री) में प्रवेश किया।14 नवंबर 2008 : चंद्रयान-1 चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया लेकिन उसने चांद की सतह पर पानी के अणुओं की मौजूदगी की पुष्टि की।28 अगस्त 2009 : इसरो के अनुसार चंद्रयान-1 कार्यक्रम की समाप्ति हुई।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: 'भारत के इतिहास में 14 जुलाई होगा खास दिन'
चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण से पहले पेरिस से पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 14 जुलाई 2023 की तारीख हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगी। बता दें कि दोपहर 2.35 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर से इस मिशन को लांच किया जाना है।
Chandrayaan-3 Launch LIVE Updates: सपनों को आगे बढ़ाएगा चंद्रयान-3 मिशन, पीएम मोदी ने दी शुभकामना
चंद्रयान-3 मिशन के लिए शुभकामनाएँ! मैं आप सभी से इस मिशन और अंतरिक्ष, विज्ञान और नवाचार में हमने जो प्रगति की है, उसके बारे में और अधिक जानने का आग्रह करता हूं। यह आप सभी को बहुत गौरवान्वित करेगा। चंद्रयान 2 के प्रमुख वैज्ञानिक परिणामों में चंद्र सोडियम के लिए पहला वैश्विक मानचित्र, क्रेटर आकार वितरण पर ज्ञान बढ़ाना, आईआईआरएस उपकरण के साथ चंद्र सतह के पानी की बर्फ का स्पष्ट पता लगाना और बहुत कुछ शामिल है। यह मिशन लगभग 50 प्रकाशनों में प्रकाशित हुआ है।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: राष्ट्र के सपनों को आगे बढ़ाएगा चंद्रयान मिशन
चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण से ठीक पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के जरिए खास बात कही। जहां तक भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र का सवाल है, 14 जुलाई 2023 हमेशा सुनहरे अक्षरों में अंकित रहेगा। चंद्रयान-3, हमारा तीसरा चंद्र मिशन, अपनी यात्रा पर निकलेगा। यह उल्लेखनीय मिशन हमारे राष्ट्र की आशाओं और सपनों को आगे बढ़ाएगा।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: सॉफ्ट लैंडिंग का दावा
इसरो के निदेशक सोमनाथ का कहना है कि कुछ तत्वों के विफल होने पर भी चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक उतरने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सेंसर विफलता, इंजन विफलता, एल्गोरिदम विफलता और गणना विफलता सहित कई परिदृश्यों की जांच की गई और उनका मुकाबला करने के लिए उपाय विकसित किए गए है।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: चंद्रयान मिशन का तमिलनाडु से है खास रिश्ता
2008 में पहले चंद्र मिशन के साथ शुरू हुई चंद्रयान श्रृंखला के बारे में एक अनोखी समानता उसका तमिलनाडु से संबंध है। तमिलनाडु में जन्मे मयिलसामी अन्नादुरई और एम. वनिता के चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 का नेतृत्व करने के बाद, अब विल्लुपुरम के मूल निवासी पी. वीरमुथुवेल तीसरे मिशन की निगरानी कर रहे हैं, जिसे शुक्रवार को यहां एलवीएम3-एम4 के जरिये चंद्रमा की ओर रवाना किया जाएगा। एस. सोमनाथ की अध्यक्षता में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मकसद उन विशिष्ट देशों की सूची में शामिल होना है, जिन्होंने चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ में महारत हासिल कर ली है।शुक्रवार को रवाना होने वाला ‘चंद्र मिशन’ वर्ष 2019 के ‘चंद्रयान-2’ का अनुवर्ती मिशन है। भारत के इस तीसरे चंद्र मिशन में भी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराना है।वीरमुथुवेल वर्तमान में सोमनाथ के नेतृत्व में चंद्रयान-3 मिशन के परियोजना निदेशक हैं।तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले के एक परिवार से नाता रखने वाले वाले, वीरमुथुवेल प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मद्रास) के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने पीएचडी भी कर रखी है।चंद्र मिशन के परियोजना निदेशक के रूप में वीरमुथुवेल ने वनिता का स्थान लिया है, जो तत्कालीन इसरो प्रमुख के. सिवन के नेतृत्व में चलाए गए चंद्रयान -2 मिशन की परियोजना निदेशक थीं। वनिता इसरो के इतिहास में इस पद काबिज हुई पहली महिला थीं।पहले चंद्रयान मिशन का नेतृत्व करने के बाद मयिलसामी अन्नादुरई को ‘मून मैन ऑफ इंडिया’की पदवी दी गई। वह भी तमिलनाडु से नाता रखते थे।दिलचस्प तथ्य यह है कि पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, जिन्होंने भारत के रॉकेट कार्यक्रम का नेतृत्व किया, वह भी तमिलनाडु के रामेश्वरम से थे।
Chandrayaan-3 Launch LIVE Updates: गेमचेंजर होगा चंद्रयान-3
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन, जिन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र के नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, ने कहा कि चंद्रयान -3 मिशन भारत के लिए "गेम चेंजर" होने जा रहा है।चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सॉफ्ट-लैंडिंग करने का भारत का प्रयास है, इस प्रक्रिया में चंद्रयान-2 को खोने के चार साल बाद। इसरो आज श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के स्पेसपोर्ट से चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च करेगा।
Chandrayaan-3 Launch LIVE Updates: चंद्रयान-3 के लॉन्चपैड से पुस्तक का विमोचन
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता विनोद मनकारा की नयी किताब का यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) के ‘रॉकेट लॉन्चपैड’ से विमोचन किया गया। विज्ञान से संबंधित लेखों का संग्रह ‘प्रिज्म : द एन्सेस्ट्रल एबोड ऑफ रेनबो’ का बृहस्पतिवार शाम को एसडीएससी-एसएचएआर में उस समय अनोखा विमोचन किया गया, जब भारत के बहुप्रतीक्षित चंद्रमा मिशन ‘चंद्रयान-3’ के प्रक्षेपण की तैयारियां जोर-शोर से हो रही है।
Chandrayaan-3 Launch LIVE: लॉन्चपैड से बुक रिलीज का बना इतिहास
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता-लेखक विनोद मनकारा की नई किताब यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) में रॉकेट लॉन्चपैड से जारी की गई।विज्ञान लेखों के संग्रह 'प्रिज्म: द एनसेस्ट्रल एबोड ऑफ रेनबो' का अनोखा लॉन्च गुरुवार शाम एसडीएससी-शार में आयोजित किया गया। बहुप्रतीक्षित चंद्रमा मिशन चंद्रयान -3 के लिए वहां तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। .इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने पुस्तक को विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशक एस उन्नीकृष्णन नायर को सौंपकर जारी किया जबकि अंतरिक्ष केंद्र में ऐतिहासिक प्रक्षेपण की उलटी गिनती चल रही थी।