Parliament Budget Session 2024: कांग्रेस के नेतृत्व में रही यूपीए सरकार के 10 सालों के आर्थिक कुप्रबंधन पर केंद्र की मोदी सरकार संसद में श्वेत पत्र जारी करेगी। ये श्वेत पत्र सदन में शुक्रवार (9 फरवरी) या फिर शनिवार (10 फरवरी) को पेश किया जा सकता है। इसीलिए बजट सत्र को एक दिन के लिए बढ़ाया गया है। इस श्वेत पत्र में आर्थिक कुप्रबंधन के अलावा यूपीए सरकार के दौरान उठाए जा सकने वाले सकारात्मक कदमों के असर के बारे में चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही इस पत्र में भारत की आर्थिक दुर्गति और अर्थव्यवस्था पर पड़े नकारात्मक प्रभावों को भी विस्तार से बताया जाएगा। वहीं इस श्वेत पत्र में मोदी सरकार अपने और यूपीए सरकार के दौरान देश की आर्थिक स्थिति का तुलनात्मक स्टडी भी पेश कर सकती है। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंतरिम बजट भाषण के दौरान कहा था कि सरकार एक श्वेत पत्र पेश करेगी। जिसमें यूपीए के 10 साल और एनडीए 10 साल को कवर किया जाएगा।
केंद्र सरकार UPA सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन पर लाएगी श्वेत पत्र
आम चुनावों से पहले संसद का आखिरी सत्र
वहीं यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन पर श्वेत पत्र पेश करने से पहले, राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय जनता दल नेता मनोज झा ने कहा कि सफेद कागज सफेद हाथी बन जायेगा। राजद नेता मनोज झा ने कहा कि श्वेत पत्र एक सफेद हाथी में बदल जाएगा। श्वेत पत्र का मतलब है कि आप दी गई नौकरियों की संख्या निर्दिष्ट कर सकते हैं। आप कहां पहुंच गए हैं? तो यह श्वेत पत्र नहीं है बल्कि चुनाव से ठीक पहले एक सफेद हाथी है।" बता दें, बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के साथ हुई। इस साल अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनावों से पहले यह मौजूदा लोकसभा का आखिरी सत्र है।
इस बीच, संसद में अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 में सत्ता संभालने वाली मोदी सरकार ने उन वर्षों के संकट को पार कर लिया है और अर्थव्यवस्था को उच्च टिकाऊ विकास पथ पर मजबूती से रखा गया है। "2014 में जब हमारी सरकार ने बागडोर संभाली, तो अर्थव्यवस्था को चरण दर चरण सुधारने और शासन प्रणालियों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी थी। लोगों को आशा देना, निवेश आकर्षित करना और समर्थन तैयार करना समय की मांग थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्र-प्रथम के हमारे दृढ़ विश्वास का पालन करते हुए इसे सफलतापूर्वक किया।
