CEC Gyanesh Kumar Security Z Plus: निर्वाचन आयोग द्वारा चलाई जा रही 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR - Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के गठबंधन (INDIA ब्लॉक) के तीखे विरोध और बढ़ते प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (MHA) और दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं की समीक्षा के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की Z+ श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है।
SIR विवाद और विपक्षी प्रदर्शन के बीच ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ी, गृह मंत्रालय ने तैनात कीं CAPF की 221 कंपनियां
Z+ सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ोतरी और दिल्ली में भारी सुरक्षा बल तैनात
सुरक्षा चक्र में अतिरिक्त कमांडो: Z+ श्रेणी की सुरक्षा के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त के आवास और उनके काफिले के लिए करीब 50 सुरक्षाकर्मियों की टीम पारियों (shifts) में काम करती है। ताजा हालात को देखते हुए क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) के अतिरिक्त कमांडो और पुलिस पिकेट्स तैनात किए गए हैं।
CAPF की 221 कंपनियां तैनात: राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 221 कंपनियां - यानी लगभग 23,000 जवान उपलब्ध कराए हैं। CRPF की कंपनियां जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से बुलाई गई हैं।
ECI मुख्यालय एवं जंतर-मंतर पर चौकसी: दिल्ली के मध्य भाग, जंतर-मंतर और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है।
राहुल गांधी और विपक्षी दलों की मुख्य मांगें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेता लगातार सड़क पर उतरकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप: विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च: कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के सांसदों ने संसद भवन से लेकर चुनाव आयोग मुख्यालय तक विरोध मार्च निकाला और धरने दिए।
