हरियाणा सरकार की आइडीएफसी फर्स्ट बैंक में एफडी के साथ हुई धोखाधड़ी और पंचकूला में नगर निगम के साथ कोटक महिंद्रा बैंक में हुए फर्जीवाड़े को लेकर सरकार एक्शन में है। एक तरफ बैंक फ्रॉड के मामले में सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को स्पेंड कर दिया। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक को डी एमपैनलमेंट करके कड़ा संदेश भी दिया। वहीं इस सबके बीच अब बैंक फ्रॉड के मामले पर सीबीआई ने भी एफआईआर दर्ज कर ली है। जिससे इस मामले में कई नए खुलासे भी हो सकते हैं।
वहीं इन मामलों को लेकर सरकार के एक्शन पर हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने कहा कि IDFC बैंक घोटाले को लेकर विपक्ष ने भी विधानसभा में मुद्दे को उठाया था और तब मैंने कहा था कि 24 घंटे के अंदर पैसा वापिस आयेगा और आया भी। कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले का पैसा भी वापस आ गया है। इसके बाद हमने वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता म एक कमेटी बनाई गई थी। बैंक घोटाले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से भी जांच की जा रही थी। जांच में जो सामने आया उसके बाद कार्रवाई भी की है। और अब इस मामले की जांच CBI को चली गई है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
वहीं सरकार ने अपने एक्शन के बाद आईएएस अधिकारियों के तबादले किए क्या वे इस मामले से जुड़े हैं? इस पर उन्होंने कहा कि IAS अधिकारियों के ट्रांसफर रूटीन में किये गये हैं। बैंक घोटाले की जांच चल रही है मामला गंभीर है। जनता के प्रति हम जवाबदेह है। इसलिये सीबीआई मामले की जांच कर रही है।
वहीं बैंक फ्रॉड के मामलों को लेकर सीएम ने कहा कि हमने पहले भी यह मुद्दा उठाया था और सीबीआई जांच की मांग की थी। अच्छी बात जो कार्रवाई हुई है। मेरा मानना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, वह चाहे कर्मचारी हो, अधिकारी हो या अन्य कोई बड़ा व्यक्ति। जो भी इसमें शामिल है उसका चेहरा बेनकाब होना चाहिए, यह बहुत बड़ा घोटाला है,सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ।
