Ram Navami violence: कलकत्ता हाई कोर्ट से पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को दोहरा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने राम नवमी के दौरान हुई हिंसा की जांच एनआईए को सौंप दी है। रामनवमी के दौरान हावड़ा और दालखोला जिले में भारी हिंसा फैल गई थी। इसी के सात कालियागंज में लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में रिपोर्ट तलब की है।
कलकत्ता हाई कोर्ट से ममता सरकार को बड़ा झटका
शुभेंदु अधिकारी ने दायर की थी याचिका
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल पुलिस से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जांच स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। जनहित याचिका में अधिकारी ने हिंसा की एनआईए जांच की मांग की थी जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि हिसा के दौर बम विस्फोट भी हुए थे। अदालत ने राज्य पुलिस को दो सप्ताह के भीतर मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज केंद्र सरकार को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।
Calcutta High Court transfers the probe in the violence that broke out during Ram Navami in Howrah and Dalkhola dis… t.co/wtSRy8GzGx
— ANI (@ANI) Apr 27, 2023
नाबालिग लड़की के दुष्कर्म-हत्या मामले की रिपोर्ट तलब
इसके अलावा कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कालियागंज में एक नाबालिग लड़की के कथित बलात्कार और हत्या की जांच की मेखिलगंज पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 2 मई को होगी।
रामनवमी पर हुई थी भारी हिंसा
इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार तृणमूल कांग्रेस और ममता सरकार को निशाना बना रही थी। इसकी जांच एनआईए को सौंपा जाना ममता सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बता दें कि रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल और बिहार में कई जगहों पर सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। इन जगहों पर संपत्तियों को निशाना बनाया गया और आगजनी हुई। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा पर राज्य सरकार से मंगलवार को एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राज्यपाल सी वी आनंद बोस से बात करने और राज्य में और खासतौर पर हावड़ा के हिंसा प्रभावित इलाकों में मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के कुछ दिनों बाद यह कदम उठाया गया। गृह मंत्रालय ने हावड़ा में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा पर पश्चिम बंगाल सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।
