Vande Bharat Express : वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन गुरुवार को हादसे का शिकार होने से बच गई। मुंबई सेंट्रल से गांधीनगर के बीच चलने वाली यह ट्रेन गुरुवार सुबह करीब 11:15 बजे वटवा स्टेशन के समीप जब पहुंची तो इसके आगे भैंसें आ गईं। इसकी वजह से ट्रेन के इंजन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया हालांकि, किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। बाद में इंजन को पहुंचे नुकसान को ठीक कर लिया गया। ट्रेन गांधीनगर से मुंबई सेंट्रल के लिए समय से रवाना हुई।
एक अक्टूबर से चल रही ट्रेन
पश्चिमी रेलवे ने इस ट्रेन से यात्रा में लगने वाले समय में कौटती की है। अब इसे मुंबई सेंट्रल से गांधीनगर के बीच की दूरी तय करने में और पांच मिनट कम समय लगेगा। यही नहीं यह ट्रेन गांधीनगर से मुंबई सेंट्रेल 20 मिनट पहले पहुंच जाएगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सिंतबर को गांधी नगर में इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। हालांकि, ट्रेन पहली बार एक अक्टूबर को यात्रियों को लेकर रवाना हुई। ट्रेन आगमन एवं प्रस्थान के समय में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह ट्रेन मुंबई सेंट्रल से सुबह छह बजकर 10 मिनट पर एवं गांधी नगर से दोपहरा बाद दो बजकर पांच मिनट पर खुलती है।
आधुनिक सुविधाओं एवं फीचर्स से लैस है ट्रेन
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन टक्कर से बचाव वाले सिस्टम, कवच (Kavach) सहित स्टेट ऑफ द आर्ट सेफ्टी फीचर्स से लैस है। सभी क्लास में रिक्लाइनिंग सीटें हैं। वहीं एक्जिक्युटिव कोच में 180 डिग्री रोटेट होने वाली सीटों की अतिरिक्त सुविधा है। हर एक कोच में 32 इंच की स्क्रीन होगी, जो यात्रियों को सूचना प्रदान करती है। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिहाज से इस ट्रेन को खास तौर पर तैयार किय गया है।
ट्रेन में अलग से कोई इंजन नहीं
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मेंअलग से कोई और इंजन नहीं है। ट्रेन में 16 कोच हैं, जिसके दरवाजे स्वचालित हैं। दरवाजे बंद होने के बाद ही ट्रेन स्टेशन से खुलती है। ट्रेन के सभी कोच वातानुकूलित हैं। इसकी कुर्सियां180 डिग्री तक घूम सकती हैं। वंदे भारत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ट्रेन मेड इन इंडिया यानी कि पूरी तरह से स्वदेशी है। यह ट्रेन 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।
