दिल्ली में पहली बार स्ट्रीट पियानो, कोहिमा से राजधानी पहुंचा ब्रिलांटे Piano फेस्टिवल

नागालैंड की पियानोवादक, संगीत शिक्षिका और सांस्कृतिक नेतृत्वकर्ता ख्योचानो TCK ने 2017 में अमेरिका से भारत लौटने के बाद ब्रिलांटे पियानो फेस्टिवल की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य संगीत के जरिए नागालैंड के युवाओं और अपने समुदाय के बीच उम्मीद, अवसर और जुड़ाव पैदा करना था।

नई दिल्ली: दिल्ली में इस सितंबर पहली बार स्ट्रीट पियानो की धुन सुनाई देगी। नागालैंड के कोहिमा से शुरू हुआ ब्रिलांटे पियानो फेस्टिवल पहली बार राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा है। फेस्टिवल के दिल्ली संस्करण में पियानो प्रस्तुतियों के साथ बच्चों और विशेष जरूरतों वाले संगीतकारों के लिए कार्यक्रम, म्यूजिक एजुकेशन से जुड़े सत्र और कलाकारों व दर्शकों के बीच संवाद के अवसर होंगे। इसका आयोजन ब्रिटिश काउंसिल और सनातन IILM सेंटर फॉर आर्ट्स एंड आइडियाज में किया जाएगा।

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दिल्ली में स्ट्रीट पियानो फेस्टिवल।

दिल्ली में ब्रिलांटे की दस्तक सिर्फ राजधानी के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक और आयोजन जुड़ने की कहानी नहीं है। इसकी खासियत यह है कि इसकी यात्रा दिल्ली या मुंबई जैसे किसी बड़े महानगर से शुरू नहीं हुई, बल्कि नागालैंड के कोहिमा से हुई और अब यह राजधानी तक पहुंची है।

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