Parliament Special Session: उत्तर प्रदेश के मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और बिल की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लिया गया फैसला इतिहास में गलत बन जाता है। सोच-समझकर लिया गया फैसला देश की तकदीर बन जाते हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर वर्तमान में 543 सीटें मौजूद हैं तो उन पर तुरंत 33 फीसदी आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा है।
मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज (फोटो साभार: @PriyaSarojMP)
प्रिया सरोज ने कहा कि हम सब महिला आरक्षण बिल के सपोर्ट में थे, हैं और रहेंगे, लेकिन सवाल ये है कि क्या ये बिल सच में महिलाओं को सशक्त करने के लिए है। क्या महिलाओं के नाम पर कुछ राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
प्रिया सरोज का VIDEO वायरल
इस दौरान, जब आसान पर मौजूद पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने समय खत्म होने की तरफ इशारा किया तो प्रिया सरोज ने अपनी स्थानीय भाषा में जो जवाब दिया, वो सोशल मीडिया में छा गया। प्रिया सरोज ने कहा, ''कन्क्लूड करत हईं, करे दा हमके पहिले... बस बोलत हईं दू मिनट रुका...।'' अवधी भाषा में दिए गए उनके जवाब में सदन में मौजूद सदस्य मुस्कुराने लगे।
प्रिया सरोज ने आगे कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार किसी वादे या फ्यूचर प्लान की तरह नहीं, बल्कि आज की हकीकत के रूप में मिलना चाहिए। यह सदन तब सच्चा तंत्रिक कहलाएगा जब इसमें हर वर्ग, हर समाज और हर महिला की आवाज बराबर सुनी जाएगी। उन्होंने कहा, ''2023 में महिला आरक्षण बिल को सरकार और विपक्ष ने मिलकर पास किया था, लेकिन अब लागू करने की जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार को इसे जल्दी और ईमानदारी से लागू करना चाहिए।''
जगदंबिका पाल ने भोजपुरी में दिया जवाब
इस पर, पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने भोजपुरी में कहा- कूल बात आ गईल... इसके बाद भी प्रिया सरोज ने अपना भाषण समाप्त करते हुए कहा कि हक की बात है तो उसे आज निभाइये। वादों के पीछे सच को और मत छुपाइये। नारी शक्ति के नाम पर खेल खेलना बंद कीजिए, जो वादा किया हक का उसे तुरंत लागू करिये।
