पेपर लीक को लेकर छात्रों और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी की ओर से जेपी नड्डा ने प्रेस कांफ्रेंस की है। इसमें उन्होंने छात्र आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह एक गंभीर विषय है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश उचित नहीं है, बल्कि इसकी गहन चर्चा और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला राहुल गांधी पर हमला। (फोटो- X)
राहुल गांधी के दावों पर क्या बोले नड्डा?
जेपी नड्डा ने कहा कि आज शाम 4:00 बजे संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रस्तुतीकरण दिया। उस प्रस्तुतीकरण में उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के मामलों का उल्लेख किया। यह जांच का विषय है और सरकार एक जिम्मेदार सरकार है। इसलिए निश्चित रूप से हर एक मामले की जांच कराई जाएगी और दूध का दूध, पानी का पानी करते हुए सच्चाई देश और जनता के सामने रखी जाएगी, लेकिन मैं यह जरूर कहना चाहता हूं कि सरसरी तौर पर जो बातें मेरे ध्यान में आई हैं और जिन्हें मैंने नोट किया है, उन्हें मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूं।
कांग्रेस शासित राज्यों का उदाहरण दे बोला राहुल गांधी पर हमला
जेपी नड्डा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सर्विस सिलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) की सरकार है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश स्कूल एजुकेशन बोर्ड में पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी (Jharkhand Academic Council) की हिंदी और साइंस की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। वहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की सरकार है।
उन्होंने तेलंगाना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां इंटरमीडिएट की भाषा (लैंग्वेज) की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां कांग्रेस की सरकार है, जिसे सीपीआई का समर्थन प्राप्त है। तेलंगाना में ही एसएससी (SSC) की भाषा परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ। तमिलनाडु में तमिलनाडु टीचर्स एजुकेशन यूनिवर्सिटी के बीएड पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। इसी प्रकार पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार थी।
पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-बी परीक्षा में पेपर लीक हुआ और अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। केरल में स्टेट पीएससी (PSC) की 26 परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आईं। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां बोर्ड परीक्षा के पीयूसी (PUC) पेपर लीक हुए। जेपी नड्डा ने इन पेपर लीक के उदाहरण देने के बाद कहा कि अभी मैंने केवल कुछ उदाहरण दिए हैं। ऐसी घटनाओं की सूची बहुत लंबी है।
राहुल गांधी से सवाल- 'आप इतने सिलेक्टिव क्यों हैं?'
जेपी नड्डा ने आगे कहा कि मैं राहुल गांधी जी से पूछना चाहता हूं कि आप इतने सिलेक्टिव क्यों हैं? जहां इंडी गठबंधन की सरकारों में पेपर लीक हुए, उनका जिक्र आपने क्यों नहीं किया? जेपी नड्डा ने इस दौरान आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों की मांगों को लेकर राजनीतिक लाभ लेना चाहता है। नड्डा ने कहा कि यह समय हमारी सरकार और आपकी सरकार का भेद करने का नहीं है। यह बहुत लंबी सूची है, जिसमें यूपीए और यूपीए समर्थित सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि आपने यूपीए और इंडी गठबंधन की सरकारों में हुए पेपर लीक पर चर्चा क्यों नहीं की? आपने स्वयं को उन घटनाओं से अलग क्यों रखा? यह स्पष्ट करता है कि आपका उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है।आगे उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि आपका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और छात्रों को न्याय दिलाना होता, तो आप सभी मामलों को सामने रखते। लेकिन यह सूची बहुत लंबी है, जिसमें यूपीए और इंडी गठबंधन की सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक भी शामिल हैं।
संसद चर्चा का सबसे उपयुक्त मंच, हम इसके लिए तैयार
आगे उन्होंने कहा कि हमें आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर इस विषय पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। और चर्चा का सबसे उपयुक्त मंच संसद है। हम चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस विषय पर गहन चर्चा हो, इसकी बारीकियों पर विचार किया जाए और समाधान निकाला जाए।
जितने घंटे चाहें हम चर्चा के लिए तैयार
जेपी नड्डा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए इस विषय को लेकर बेहद गंभीर हैं। हमने स्वयं चाहा है कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा हो। लोकसभा में 12 घंटे, राज्यसभा में 18 घंटे या विपक्ष जितने घंटे चाहे, हम चर्चा के लिए तैयार हैं। मैं राज्यसभा में सदन का नेता होने के नाते हमेशा यह मानता रहा हूं कि विपक्ष जितने घंटे चर्चा चाहता है, सरकार उसके लिए तैयार है। विपक्ष को गोलपोस्ट नहीं बदलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम आरोप लगाने नहीं आए हैं। आरोप-प्रत्यारोप से कोई समाधान नहीं निकलेगा। हमें यह सोचना चाहिए कि इस समस्या का स्थायी समाधान कैसे निकाला जाए। संसद सबसे उपयुक्त मंच है, जहां इस विषय के हर पहलू पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। चर्चा की अवधि विपक्ष तय करे। हर पहलू पर चर्चा हो और हम एक ठोस नीति लेकर आएं, क्योंकि बच्चे न केवल हमारे या आपके हैं, बल्कि देश का भविष्य हैं। देश के भविष्य की चिंता करना सरकार और विपक्ष दोनों की समान जिम्मेदारी है।
सोनम वांगचुक को लेकर क्या बोले नड्डा
आगे उन्होंने सोनम वांगचुक के मुद्दे पर कहा, "वार्ता बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने लिखकर दिया है कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं। आज कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। हम तो आज उनका हालचाल पूछने गए थे। हमने उनसे कहा कि आप अपना अनशन तोड़िए, सरकार सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। हम पूरी तरह चर्चा के लिए तैयार हैं। ऐसे ही बातें नहीं होतीं, बातचीत के माध्यम से समाधान निकलता है।"
