कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा इस समय मध्य प्रदेश में है जहां अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। राहुल गांधी जब गुजरात में इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे थे तो एक बड़ी बात कही है कि वो पहले वाले राहुल नहीं बल्कि बदल गए हैं। उनके इस बयान को सियासी तरीके से देखा और समझा गया। मध्य प्रदेश में जबकि इस समय वो हैं तो कहा कि बीजेपी का नारा जय सियाराम की जगह जय श्री राम है और उसकी वजह भी बताई। राहुल गांधी कहते हैं कि वो एक पंडित से मिले जिसने हे राम, जय श्री राम और जय सिया राम के मतलब को समझाया।
राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद(सौजन्य- राहुल गांधी ट्विटर हैंडल)
सीता जी का अपमान ना करें
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि उनकी प्रार्थना आरएसएस के दोस्तों से है कि वे इन तीनों नारों को बोले साथ ही सीता जी का अपमान ना करें। राहुल गांधी ने कहा कि जय सिया राम की जगह जय श्री राम बोलने का मतलब सीता जी का अपमान करना है। राहुल गांधी का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम नरेंद्र मोदी की तुलना रावण से की थी। मध्य प्रदेश के आगर मालवा इलाके में राहुल गांधी ने कहा कि जय सिया राम और जय सीता राम का अर्थ यह है कि राम और सीता एक ही हैं।
सीता के बिना भगवान राम का नाम अधूरा है - वो एक ही हैं इसीलिए हम 'जय सियाराम' कहते हैं। भगवान राम सीता जी के लिए ल… t.co/HLPjmxXKKS
— ANI (@ANI) Dec 2, 2022
राहुल ने समझाया हे राम का मतलब
राहुल गांधी ने कहा कि गांधीजी 'हे राम' कहा करते थे। यह उनका नारा था। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब यह है कि भगवान राम केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि प्रेम, भाईचारे, सम्मान और तपस्या (तपस्या) के प्रतीक जीवन का एक तरीका था। जब गांधीजी इस्तेमाल करते थे राहुल गांधी ने कहा, 'हे राम' कहने का मतलब था कि भगवान राम के आदर्श हमारे भीतर हैं और हमें उनका पालन करना है।
