बिहार में सोशल इंजीनियरिंग के सहारे लड़ी जाएगी 2024 की चुनावी जंग, जदयू-भाजपा ने बिछाए पत्ते

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 26, 2023, 10:23 PM IST

Bihar Politics: भाजपा ने 25 नवंबर को स्वतंत्रता सेनानी झलकारी बाई की जयंती के रूप में मनाए जाने वाले दिन पटना के प्रतिष्ठित बापू सभागार सभागार में 'पान बुनकर रैली' का आयोजन करके अनुसूचित जातियों को प्रभावित करने के अपने प्रयास भी तेज कर दिए हैं।

Bihar Politics: बिहार के राजनीतिक दल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से कई महीने पहले चुनावी मोड में आ गए हैं और एक-दूसरे को हराने के लिए 'सोशल इंजीनियरिंग' के जरिए विभिन्न जातीय समीकरण बना रहे हैं। हालांकि भाजपा ने पहले से ही विभिन्न जातिगत समीकरणों को जोड़ना शुरू कर दिया है, अब जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल ने भी ऐसा ही करना शुरू कर दिया है और उन पार्टियों के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की घटक हैं ।

Nitish Kumar

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित कर भाजपा ने भूमिहार (या अगड़ी जाति) वोटों को एकजुट करने की कोशिश की है। वह 'यदुवंशी समाज मिलन सम्मेलन' के जरिए बड़ी संख्या में यादव समुदाय के लोगों को पार्टी में शामिल करके राजद के प्रभावशाली वोट बैंक में सेंध लगाने की भी कोशिश कर रही है।

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