Bihar Special State Status Issue: बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (बीपीसीसी) ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने से इनकार करने के खिलाफ 12 अगस्त से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस की बिहार इकाई के प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिंह ने शनिवार को यहां इसकी घोषणा करते हुए कहा, 'केंद्र द्वारा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा न देना राज्य के साथ घोर अन्याय है। कांग्रेस पार्टी बिहार के साथ यह सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगी। बीपीसीसी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के खिलाफ 12 अगस्त से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है।'
बिहार में 12 अगस्त से राज्यव्यापी आंदोलन।
राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी कांग्रेस
उन्होंने कहा कि 13 और 14 अगस्त को कांग्रेस कार्यकर्ता बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के खिलाफ प्रखंड मुख्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे। सिंह ने कहा कि 14 अगस्त के बाद प्रदेश कांग्रेस अपने आगे के राज्यव्यापी आंदोलन कार्यक्रम की घोषणा करेगी।
उन्होंने कहा, 'वर्ष 2005 से ही बिहार के मुख्यमंत्री बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। लेकिन, केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सहयोगी दल होने के बाद भी नीतीश कुमार राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने में नाकाम रहे। विशेष पैकेज के नाम पर केंद्र द्वारा बिहार को धोखा दिया गया है... बिहार के लिए पहले स्वीकृत सभी पुरानी परियोजनाओं को केंद्र ने वर्तमान बजट में तथाकथित विशेष पैकेज में शामिल कर लिया है।'
क्या बिहार को मिलेगा विशेष राज्य का दर्जा?
केंद्र ने ये साफ कर दिया है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाएगा। अखिलेश प्रसाद ने कहा कि बिहार देश के सबसे गरीब राज्यों में आता है। बिहार सबसे योग्य राज्य है जिसे अपने समग्र विकास के लिए विशेष दर्जा चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजग सरकार (केंद्र के साथ-साथ बिहार में भी) आरक्षण, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने और नये आरक्षण कानून को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किए जाने के खिलाफ है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि वह बिहार के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार पर चुप क्यों हैं। उनकी क्या मजबूरियां हैं। बिहार के लोग यह जानना चाहते हैं।
