Bihar Politics: बिहार की राजनीति इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है और पिछले लगभग डेढ़ महीने से चल रही हलचल अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। राज्य में सत्ता परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के राज्यसभा जाने और विधान परिषद से उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक समीकरण और तेजी से बदलने लगे हैं। इसी बीच आज बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्रियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्रियों की मीटिंग के बाद बढ़ी सियासी अटकलें (Photo: Times Now Navbharat)
CM पर जल्द होगा फैसला
इसके साथ ही राज्य सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (Ambedkar Jayanti) की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में बिहार के मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर एनडीए गठबंधन जल्द ही फैसला करेगा और पूरी प्रक्रिया जल्दी ही पूरी कर ली जाएगी। वहीं जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने साफ कहा कि राज्य में जो भी सरकार बनेगी वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही काम करेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार का विकास मॉडल आगे भी बिहार की राजनीति और शासन व्यवस्था की दिशा तय करता रहेगा।
ललन सिंह पहुंचे बाबा काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर
इधर राजनीतिक हलचल के बीच केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, जिन्हें ललन सिंह (Lalan Singh) के नाम से भी जाना जाता है, वाराणसी पहुंचे। उन्होंने वहां बाबा काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए। उनके इस दौरे को बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है और इसे लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं। कुल मिलाकर अगर कहें तो बिहार की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में राज्य के सत्ता समीकरण में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
