CJP Protest: बिहार और असम सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया है। सरकार के वार्ताकारों ने केस वापस लेने की घोषणा करने वाला पत्र सीजेपी को सौंप है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि सरकार के वार्ताकारों ने वादा किया है कि भाजपा एवं एनडीए शासित राज्य कल तक इस तरह का पत्र सौंप देंगे। उम्मीद है कि पत्र की बातों का सम्मान किया जाएगा। बता दें कि सीजेपी की जिन तीन मांगों को सरकार ने माना है उनमें एक मांग सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेना भी है।
सीजेपी पदर्शन के दौरान हुई है हिंसा।
वार्ताकारों से साथ चली 2-3 घंटे बैठक
सीजेपी प्रवक्ता दास ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से हमसे बात करने वाले वार्ताकारों के साथ हमारी बैठक लगभग 2–3 घंटे तक चली। इस दौरान बिहार और असम सरकार की उन अधिसूचनाओं की प्रतियां साझा की गईं, जिनमें एफआईआर वापस लेने, भविष्य में कोई कार्रवाई न करने और सभी हिरासत में लिए गए तथा गिरफ्तार लोगों की रिहाई की गारंटी दी गई है।
'किसी प्रदर्शनकारी को हम अकेला नहीं छोड़ेंगे'
दास ने दोहराया कि केंद्र सरकार और अन्य भाजपा/एनडीए शासित राज्यों की ओर से भी इसी तरह की गारंटी वाली अधिसूचनाएं कल तक जारी कर दी जाएंगी। उम्मीद है कि इन अधिसूचनाओं में पहले से सहमत भाषा का ही इस्तेमाल किया जाएगा। कोई भी प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी इस लड़ाई में एक साथ हैं!
बिहार सरकार ने क्या कहा
बिहार सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों के संबंध में सोमवार को कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। गृह विभाग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि 26 जुलाई की शाम छह बजे तक राज्य के किसी भी हिस्से में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सरकार कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी।
विधिक प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाएगी
विज्ञप्ति के अनुसार, उक्त अवधि तक प्रदर्शन के सिलसिले में दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने के लिए विधिक प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाएगी। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि मामलों में गिरफ्तार अथवा निरुद्ध सभी व्यक्तियों को शीघ्र रिहा किया जाएगा। उक्त अवधि तक दर्ज मामलों में नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह घोषणा नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में तथा परीक्षा व्यवस्था एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और और सुधार की मांग को लेकर आंदोलनों के संदर्भ में की गई है।
