देश आज स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के तत्कालीन लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है।
शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर देश ने किया याद। PTI
पीएम मोदी ने भगत सिंह को बताया युवाओं के लिए प्रेरणापुंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर भगत सिंह को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने अपने अदम्य साहस और शौर्य से आजादी के आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा दी। पीएम मोदी ने उनके देश के सम्मान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने के जज्बे को युवाओं के साहस और हौसले का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि अमर शहीद भगत सिंह हर भारतीय, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणापुंज हैं। उन्होंने भगत सिंह के निर्भीक स्वभाव और उनके साहस का जिक्र करते हुए कहा कि फांसी से पहले भी उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के सामने अपने विचार मजबूती से रखे थे।
पीएम मोदी ने भगत सिंह के उस पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों से उन्हें और उनके साथियों को युद्धबंदी की तरह मानने और फांसी के बजाय गोली से मौत देने की मांग की थी। प्रधानमंत्री ने इसे भगत सिंह के अदम्य साहस का उदाहरण बताया।
राहुल गांधी ने भगत सिंह को याद करते हुए एक्स हैंडल पर लिखा, "महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की जयंती पर हम उन्हें नमन करते हैं। भारत की स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान हम सभी के लिए सदा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।"
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स हैंडल पर लिखा, “मैं इसका निष्कर्ष लिख रहा हूं, कल शुरुआत होगी मेरे रक्त की हर बूँद क्रांति लाएगी।” ~ शहीद भगत सिंह। राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए सब कुछ न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी, शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की जयंती पर, मैं उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। भगत सिंह ने केवल ब्रिटिश शासन के विरुद्ध ही संघर्ष नहीं किया; उन्होंने अपनी कलम और विचारों के माध्यम से सामाजिक असमानता और समाज को विभाजित करने वाली शक्तियों के विरुद्ध भी आवाज उठाई। उनका साहस, वैचारिक दृढ़ता और न्यायपूर्ण समाज का सपना आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करता है।"
युवाओं के नाम ‘पाती’ लिखकर CM योगी ने भगत सिंह को किया याद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं के नाम ‘पाती’ लिखकर उनसे भगत सिंह के जीवन, साहस और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह ने महज 23 साल की अल्पायु में मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। उनकी जयंती युवाओं के लिए राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि रखते हुए अपने संकल्प को नई ऊर्जा देने का अवसर है।
ओम बिरला ने याद किया भगत सिंह का विचार और संघर्ष
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भगत सिंह को क्रांति, विचार और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताते हुए कहा कि कम उम्र में ही उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य देश की स्वतंत्रता और समाज में व्यापक बदलाव को बना लिया था।
ओम बिरला ने कहा कि भगत सिंह का संघर्ष केवल विदेशी शासन से मुक्ति तक सीमित नहीं था। उनके विचारों में ऐसे भारत की कल्पना भी थी, जहां शोषण, असमानता और अन्याय के लिए कोई जगह न हो। उन्होंने भगत सिंह के साहस, विचारों, अध्ययनशीलता और बलिदान को याद किया।
कई केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने भी किया नमन
भगत सिंह की जयंती पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा सांसद संजय सेठ, संबित पात्रा और रमेश बिधूड़ी समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने अपने संदेशों में भगत सिंह के साहस, देशभक्ति और बलिदान को याद किया और कहा कि उनका योगदान देश की स्वतंत्रता के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।
महज 23 साल की उम्र में दिया सर्वोच्च बलिदा
भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन क्रांतिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने बेहद कम उम्र में देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। महज 23 वर्ष की उम्र में उन्हें राजगुरु और सुखदेव के साथ 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई थी। उनके विचार, लेखन और स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका आज भी भारतीय इतिहास और युवा चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।
