Bengal SIR: चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू करने का ऐलान किया था जिसके बाद पश्चिम बंगाल से दुखद खबरें आ रही हैं। दरअसल, एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी चिंता और तनाव की वजह से कथिततौर पर लोग अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं। हाल ही में एक और मामला सामने आया। ताजा मामले हुगली का बताया जा रहा है।
महिला ने बेटी संग खाया जहर (प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
क्या है पूरा मामला
हुगली जिले में एक 27 वर्षीय महिला और उसकी नाबालिग बेटी ने कथिततौर पर आत्महत्या की कोशिश की। परिवार ने दावा किया कि महिला ने यह कदम एसआईआर नामांकन फॉर्म नहीं मिलने के डर से उठाया। घटना शनिवार को महिला के धानियाखली स्थित घर में हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महिला और उसकी नाबालिग बेटी फिलहाल एसएसकेएम अस्पताल के आईसीयू में एडमिट हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
महिला ने बेटी संग खाया जहर
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कोलकाता में महिला के पिता ने उससे मिलने के बाद बताया कि उनकी बेटी को फॉर्म नहीं मिला, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को एसआईआर का फॉर्म मिल गया था। जिसकी वजह से वह बहुत बुरी तरह डरी हुई थी। उन्होंने कहा कि उसे कागजात न होने की वजह से डिपोर्ट होने का डर था। डर की वजह से उसने अपनी बेटी के साथ जहर खा लिया।
मानसिक तनाव में थी महिला
महिला पिछले छह वर्षों से अपने माता-पिता के घर में रह रही थी, क्योंकि उसकी शादी सही नहीं चल रही थी। उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थी।
TMC ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
धनियाखाली से तृणमूल कांग्रेस विधायक असीमा पात्रा ने भाजपा पर एनआरसी और डिटेंशन कैंपों के बारे में भ्रामक बयानों के ज़रिए लोगों में डर पैदा करने का आरोप लगाया। पात्रा ने कहा, "जब भाजपा नेता लोगों को डिटेंशन कैंपों में भेजने की बात करते हैं तो इससे पूरे बंगाल में दहशत फैल जाती है। कुछ दिन पहले दानकुनी में भी ऐसा ही मामला हुआ था।" उन्होंने आगे कहा, "भाजपा लोगों की जान से खेल रही है।"
