Bengal SIR: पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को चुनाव आयोग को सूचित किया कि राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में शामिल तीन आईएएस अधिकारियों का तबादला ‘अत्यधिक कार्यभार’ के कारण और प्रशासन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
बंगाल सरकार ने CEO को लिखा पत्र
एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल को लिखे पत्र में राज्य सरकार ने तबादलों के लिए आयोग से मंजूरी मांगते हुए कहा कि यह निर्णय संबंधित अधिकारियों पर दबाव कम करने के लिए लिया गया है। अधिकारी ने राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए कहा, ‘‘अधिकारियों पर काम का बहुत अधिक बोझ था। इस बोझ को कम करने और कर्तव्यों का कुशल निर्वहन सुनिश्चित करने के लिए तबादले किए गए।’’
चुनाव आयोग ने खड़े किए थे सवाल
यह स्पष्टीकरण तब आया जब चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूर्व अनुमति के बिना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादलों को लेकर सवाल किया था। आयोग ने रेखांकित किया कि उसके पूर्व के निर्देश के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी को आयोग की सहमति के बिना स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए।
स्थानांतरित किए गए तीन आईएएस अधिकारियों में उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों का प्रभार देख रहे अश्विनी कुमार यादव, उत्तर 24 परगना जिले और कोलकाता उत्तर के प्रभारी रणधीर कुमार तथा पूर्वी - पश्चिमी बर्दवान जिलों और बीरभूम की प्रभारी स्मिता पांडे शामिल हैं। स्थानांतरण के समय तीनों अधिकारी मतदाता सूची पर्यवेक्षक के रूप में कार्यरत थे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलेंगी ममता बनर्जी
सनद रहे कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह सोमवार शाम को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार ने बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल को दो फरवरी को शाम चार बजे मिलने का समय दिया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा था कि वह राज्य में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ जल्द ही दिल्ली जाएंगी। बनर्जी ने एसआईआर के नाम पर लोगों का 'अकथनीय उत्पीड़न' करने के लिए चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने सिंगूर में बुधवार को आरोप लगाते हुए कहा कि यह अभ्यास 'एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) लागू करने के बहाने' किया जा रहा एक प्रयास है।
