उत्तर प्रदेश में विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 से जुड़े अधिकारियों का मसौदा प्रकाशन से अंतिम प्रकाशन तक निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति के बिना स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को एक बयान में कहा कि निर्वाचन आयोग ने एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम (SSR) से जुड़े अधिकारियों के तबादले पर रोक लगाने के निर्देश दिये हैं।
उन्होंने बताया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13 सीसी के तहत मतदाता सूची तैयार करने, उसके पुनरीक्षण और संशोधन के कार्य में लगे अधिकारियों को निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाता है, लिहाजा इस अवधि में वे आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुशासन के अधीन कार्य करते हैं।
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रिणवा के मुताबिक आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, संशोधन कराने या अन्य त्रुटियों के संबंध में दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।उन्होंने बताया कि प्राप्त दावों और आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा और उसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन चार जनवरी 2027 को निर्धारित किया गया है।
'किसी भी अधिकारी का स्थानांतरण आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं'
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा आयोग के निर्देशों के अनुसार पुनरीक्षण अवधि के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सहित पुनरीक्षण कार्य से जुड़े अधिकारियों के पद रिक्त नहीं रखे जाएंगे।उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी का स्थानांतरण आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा और इसका उद्देश्य पुनरीक्षण कार्य में निरंतरता बनाए रखना एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया को पूरा करना है।
'आयोग के निर्देशों से संबंधित विभागों को अवगत करा दिया गया है'
रिणवा ने बताया कि आयोग के निर्देशों से संबंधित विभागों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर सुचारु, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के तहत दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
