Bageshwar Baba Bharat Tiwari: अपने श्रीलंका प्रवास से भारत लौटते ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बिहार के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर एक बड़ा और संवेदनशील बयान दिया है। मुंबई पहुंचते ही उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले की उच्च स्तरीय विशेष जांच की मांग उठा दी है। धीरेंद्र शास्त्री ने साफ कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ ऐसा अन्याय न हो।
बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर पर भड़के बागेश्वर बाबा, बोले- 'शरण में आए विभीषण का भी वध नहीं हुआ था'
वेद और रामचरितमानस का दिया हवाला
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सनातन धर्म के सिद्धांतों और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों का हवाला देते हुए इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'हमारे वेद, पुराण और रामचरितमानस हमें यही सिखाते हैं कि यदि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर दे या शरण में आ जाए, तो उसे कभी भी मृत्युदंड नहीं दिया जाता। प्रभु श्री राम की शरण में तो शत्रु रावण का भाई विभीषण भी आया था, लेकिन भगवान ने उसका वध नहीं किया, बल्कि उसे अपनाया। सनातन परंपरा में आत्मसमर्पण करने वाले पर प्रहार करने की अनुमति नहीं है।'
मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करेंगे बाबा
बागेश्वर धाम प्रमुख ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एलान किया है कि वे जल्द ही बिहार के भोजपुर जिले के बितोली गांव का दौरा करेंगे। वे वहां जाकर मृतक बालक भरत तिवारी के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करेंगे और उन्हें ढांढस बंधाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री के इस ऐलान के बाद से बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पीड़ित परिवार पहले से ही इस पूरे एनकाउंटर को संदिग्ध बताते हुए लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा है।
जांच और पारदर्शिता की मांग
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जोर देकर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, लेकिन किसी भी स्थिति में नियमों और मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। उन्होंने बिहार सरकार और प्रशासन से अपील की है कि एक विशेष जांच दल का गठन कर इस एनकाउंटर के हर पहलू की बारीकी से जांच कराई जाए। बाबा बागेश्वर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस एनकाउंटर को लेकर स्थानीय स्तर पर जनता और विपक्ष लगातार पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
