भारत में पहली बार डेढ़ साल के जिस बच्चे का हुआ था लीवर ट्रांसप्लांट, 25 साल बाद बन गया डॉक्टर

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  • Updated Nov 16, 2023, 12:42 PM IST

अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल में हासिल की गई उपलब्धि की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संजय कंडास्वामी भी अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए।

Baby Sanjay Liver Transpant: दिल्ली में साल 1998 में आज ही के दिन डॉक्टरों की एक टीम ने करीब 20 माह के बच्चे संजय कंडास्वामी का जिगर (लीवर) प्रतिरोपण किया था और यह भारत में पहला सफल जिगर प्रतिरोपण था। वह बेबी संजय 25 साल बाद बड़ा होकर डॉ. संजय बन गया है और अब शादी के बंधन में बंधने जा रहा है। अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल में हासिल की गई उपलब्धि की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के मूल निवासी कंडास्वामी भी अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए।

Sanjay Kandaswamy

संजय कंडास्वामी

20 माह के थे संजय कंडास्वामी

20 माह के बच्चे के तौर पर संजय कंडास्वामी अपने जिगर प्रतिरोपण को लेकर सुर्खियों में आए थे और बेबी संजय के नाम से मशहूर हो गए थे। कार्यक्रम से इतर पीटीआई-भाषा से बातचीत में कंडास्वामी ने कहा, मेरी हाल ही में सगाई हुई है और अगले साल मार्च में शादी है। इस प्रतिरोपण ने मुझे दूसरा जीवन दिया। वास्तव में मेरी मंगेतर ने आज मुझे फोन किया और मुझे मेरे दूसरे जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। अपोलो के चिकित्सकों ने कार्यक्रम में बताया कि डेढ़ साल की प्रिशा बच्चों में जिगर प्रतिरोपण कराने वाली 500वीं मरीज है। इस कार्यक्रम में बिहार की रहने वाली बच्ची प्रिशा भी शामिल हुई। कार्यक्रम के दौरान मशहूर अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया ने दोनों परिवारों को सम्मानित किया।

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