अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा पहला CEO, रेस में रिटायर्ड अफसर सबसे आगे

Ram Mandir Trust CEO: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो रही है, जिसमें सेवानिवृत्त नौकरशाह (रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स) सबसे आगे हैं। एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति आवेदनों की जांच कर तीन योग्य नाम ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम नियुक्ति करेगा।

Ram Mandir Trust CEO: अयोध्या के भव्य राम मंदिर का कामकाज और वित्तीय प्रबंधन अब पूरी तरह पेशेवर और पारदर्शी होने जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शनिवार शाम चार बजे समाप्त हो रही है। चयन प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस बेहद महत्वपूर्ण पद को पाने की दौड़ में देश के सेवानिवृत्त नौकरशाह (रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स) और बड़े अधिकारी सबसे आगे चल रहे हैं।

Ram Mandir Trust CEO

पारदर्शिता के लिए बनाया गया नया पद (फाइल फोटो)

यह चयन प्रक्रिया मंदिर (Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra) के इतिहास में एक बड़ा मोड़ है, क्योंकि हाल ही में राम मंदिर में चढ़ावे की रकम के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव का फैसला किया है। इसी के तहत वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने, संस्थागत जवाबदेही तय करने और मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू बनाने के उद्देश्य से पहली बार 'सीईओ' का यह नया पद बनाया गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, नए सीईओ की मुख्य जिम्मेदारी 'ट्रस्ट में भक्तों का अटूट विश्वास बनाए रखना' और तीर्थयात्रियों के लिए बेहतरीन सुविधाएं सुनिश्चित करना होगी।

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